काली कमाई को सफेद करने के लिए लोग अपना रहे हैं ये तरीके

जयपुर।  नोटों को बदलने के लिए अब कुछ लोग नए कोडवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स और एक्साइज व पुलिस से बचने के लिए अब ऐसे की-वर्ड का इस्तेमाल तेजी से शुरू हो गया है। असल में लोगों को डर है कि जिस तरह से 1000 और 500 रुपए के नोट बंद किए जाने के बाद अब सरकार बड़े पैसे वालों के फोन को सर्वलांस में रख सकती है। ऐसे में इस तरह के कोड वर्ड का इस्तेमाल कर वे नोट भी बदलवा लेंगे और पता भी नहीं चलेगा।

– अब तक आपने मंडियों के व्यापारियों, सब्जीवालों से सब्जियों और फलों के भाव-ताव करते सुना होगा।
– एक व्यापारी दूसरे से फोन पर भाव पूछता रहता है। यह उनके लिए रुटीन है।
– नोटबंदी के बाद से अब गैर कानूनी तरीके से 1000 और 500 रुपए के नोट जमा कराने को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
– एक-दूसरे के खाते खंगाले जा रहे हैं कि किसी के पास कम पैसे हैं तो उसके खाते में जमा करा दिया जाए।
– अब नया पैंतरा और चला गया है। टेलीफोन पर कुछ राज खुल नहीं जाए, इसलिए नए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या-क्या हैं कोड वर्ड, कैसे की जा रही है बातें:
– एक बिचौलिए ने बताया कि कई तरह के कोड वर्ड अलग-अलग लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।
– इनमें सबसे ज्यादा चर्चित फल और सब्जियों के नामों के कोड वर्ड हैं।
– जैसे- टमाटर और पालक ले लो, खजूर दे दो। टमाटर यानी 1000 रुपए और पालक यानी 500 रुपए।
– 100 रुपए के नोट को खजूर बता रहे हैं।
– इनका मानना है कि यदि नोटों के नाम लेंगे तो सरकार को भनक लग सकती है और उन पर कार्रवाई हो सकती है।
– ऐसे में नोटों को कोड वर्ड के रूप में ही बोला जा रहा है।

– जिनके पास काले धन के रूप में भारी मात्रा में 1000 और 500 रुपए के नोट हैं, उन्हें अब सोना खरीद से ही उन्हें बचा पाने का रास्ता दिखाई दे रहा है।
– ऐसे लोग और गैर कानूनी तरीके से सोना बेचने वाले ज्वैलर्स या बिचौलिए कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
– जैसे बड़ी मात्रा में पपीता पड़ा है। इसके बदले टमाटर और पालक दे सकते हो।

 

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