कानून बनाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी, सरकारी योजनाओं के लिए ‘आधार’ जरूरी

मुंबई- प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य होगा। सरकारी निधि के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का वित्तीय लाभ, अनुदान और सेवाएं लेने वाले लाभार्थी की पहचान के लिए आधार कार्ड नंबर एक मात्र मापदंड माना जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मापदंड संबंधी सर्वसमावेशी कानून बनाने को मंजूरी दी गई।
– संसद में 16 मार्च 2016 को मंजूर आधार कार्ड कानून की तर्ज पर राज्य सरकार विधानमंडल के नागपुर में होने वाले शीतकालीन सत्र में मंजूरी के लिए विधेयक पेश करेगी।
– आधार कार्ड होने के कारण लाभार्थी को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के तहत लाभ मिल सकेगा। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लग सकेगी।
प्रदेश में 10.96 करोड़ लोगों का आधार पंजीयन:
– महाराष्ट्र में 10 करोड़ 96 लाख लोगों का आधार पंजीयन हुआ है। राज्य की कुल जनसंख्या में से 92 प्रतिशत लोगों के पास आधार है।
– 18 साल से कम उम्र वाले जिन लोगों के पास अभी आधार कार्ड नहीं हैं, उनको आधार क्रमांक मुहैया कराने के लिए विशेष मुहिम चलाई जाएगी।
नाबार्ड से कर्ज लेकर पूरी होंगी 26 सिंचाई परियोजनाएं
– प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से राज्य की 26 बड़े व मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करmls_vidhanने के लिए राज्य सरकार नाबार्ड से 12 हजार 773 करोड़ रुपए ऋण लेगी।
– मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इसको मंजूरी दे दी। इससे लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के साथ ही 5.5 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।
– सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दिसंबर 2019 तक के लिए ऋण उपलब्ध होगा।
– लंबित परियोजनाओं में प्रमुख रूप से वाघूर, बावनथडी, निम्न दुधना, तिलारी, निम्न वर्धा, निम्न पांझरा, नांदूर मधमेश्वर चरण-2, गोसीखुर्द राष्ट्रीय प्रकल्प, ऊर्ध्व पैनगंगा, बेंबला, तारली, धोमबलकवड़ी, अर्जुना, ऊर्ध्व कुंडलिका, अरुणा, कृष्णा-कोयना उर्ध्व सिंचाई योजना, गडनदी, डोंगरगाव, खडकपूर्णा, वारणा, मोरणा (गुरेघर), निम्न पेढ़ी, वांग, कुडाली शामिल हैं।

वस्तु की बजाय लाभार्थी के खाते में जमा होगी धनराशि

– राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली वस्तुओं की बजाय अब लाभार्थी के खाते में सीधे रकम जमा कराई जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल की मंगलवार की बैठक में इससे संबंधित नीति को मंजूरी दी गई। – लाभार्थी को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के तहत नकदी मिल सकेगी। इसको आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। यह फैसला सरकार के सभी विभाग, नगर निकाय, मंडल व महामंडलों पर लागू रहेगा।
– वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि फिलहाल 44 वस्तुओं की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कराने का फैसला लिया गया है।
– लाभार्थी तय वस्तुओं की खरीदी कर रहा है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए सरकार एक तकनीक विकसित करेगी।
– इस नीति के तहत छात्रवृत्ति, मनरेगा के कार्यों की अदायगी, पेंशन योजना, घरेलू गैस सब्सिडी, जानवरों के
खाद्य पदार्थ, कृषि औजार, कीटनाशक, खाद, अंडा, बिजली पंप, पाइपलाइन, पाठ्यपुस्तक की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होगी।

मार्च 2017 तक में 100 फीसदी आधार कार्ड होगा। राज्य में फिलहाल विभिन्न विभागों की लगभग 161 योजनाओं के लिए 4 हजार 322 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। डीबीटी प्रणाली लागू होने के बाद फर्जी लाभार्थियों की संख्या कम हो जाएगी।

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