दहेज़ उत्पीडन में महिला ने खुद को किया आग के हवाले, तीन को उम्र कैद

फर्रुखाबाद: दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की जलाकर हत्या करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अब्दुल मोवीन ने शहर कोतवाली के मोहल्ला बजरिया निहालचंद्र निवासी कुलदीप बाजपेई, दीपू बाजपेई, उनकी पत्नी प्रियंका को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने कुलदीप, दीपू व प्रियंका को उम्रकैद की सजा व बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा न करने पर अतिरिक्त कैद के भी आदेश दिए हैं। वहीं दो आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिए गए।

शहर कोतवाली के बालाजीपुरम निवासी पुष्पा देवी ने 27 मई 2013 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। तहरीर में कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री बबली की शादी 18 अप्रैल 2012 को कुलदीप के साथ की थी। शादी के बाद पुत्री का पति, जेठ दीपू, जेठानी प्रियंका, ससुर सत्यप्रकाश व सास पूनम दहेज की मांग कर उत्पीड़न करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर 27 मई 2013 को केरोसिन डालकर जला दिया। विवेचक ने पांच आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व दहेज उत्पीड़न में चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायाधीश ने मृतका के घायल अवस्था में दिए गए बयान को ठोस सबूत मानते हुए सभी आरोपियों को हत्या में तलब कर लिया। इस मामले में डीजीसी प्रभाशंकर औदीच्य, एडीजीसी प्रवीन ¨सह, गजाला तवस्सुम व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं सत्यप्रकाश व पूनम को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

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