पहले नोट बंदी फिर सर्दी में मंदी- गर्मी लाने वाले उपकरण खुद पड़े ठन्डे!

मुरादाबाद : दिसंबर खत्म होने वाला है लेकिन अभी तक कड़ाके की सर्दी पड़ना शुरू नहीं हुई है। ऐसे में रूम हीटर और ब्लोअर का बाजार मंदा पड़ गया है। बिक्री न के बराबर हो रही है। एक तो नोटबंदी और ऊपर से ठंक कम होने से इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कारोबारी इससे निराश हैं। पिछले साल के मुकाबले करीब 30 फीसद बिक्री घटी है।

कारोबारी बताते हैं कि पिछले साल तक एक दिन में कम से कम 30 से 35 रूम हीटर, 20 से 25 ब्लोअर की बिक्री हो जाती थी। लेकिन इन दिनों 5 से 6 रूम हीटर व ब्लोअर ही बिक रहे हैं। हाथ पर हाथ धरे बैठे कारोबारियों का यह सीजन मंदी से घिरा हुआ है। कारोबारी सर्दी का सीजन 15 जनवरी तक ही मानकर चलते हैं। इसके बाद इन सामानों की बिक्री नहीं के बराबर होती है। इस पीक सीजन में इलेक्ट्रानिक बाजार में सन्नाटा छाया हुआ है। सीएफएल, एलईडी आइटम ही सामान्य दिनों की तरह बिक रहे हैं। मानपुर, बुध बाजार, कोर्ट रोड पर कई दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कारोबारियों ने काउंटरों पर ठंड से बचने के सभी साधन रखे हैं लेकिन सुबह रखते हैं और शाम को उठाकर अंदर रख लिए जाते हैं।

इस सीजन में भारी नुकसान हुआ है। नोटबंदी व कम ठंड होने से पिछले साल के मुकाबले कारोबार घट गया है। अब स्थिति सुधरने की उम्मीद नहीं है।

राजीव, इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी

नोटबंदी में भी अगर ठंड खूब होती तो बिक्री इतनी कम नहीं रहती। अब 15 दिन शेष हैं अगर इन दिनों में ठंड बढ़ती है तो कुछ बिक्री बढ़ सकती है।

रजावंत सिंह, इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी

रूम हीटर खरीदने से ज्यादा जरूरी है, राशन का सामान। वैसे भी इस बार ठंड ज्यादा नहीं होने से इसकी जरूरत नहीं है।

साजिद, लालबाग

नोटबंदी न होती तो रूम हीटर जरूर खरीदता। 500 रुपये का दूसरा आइटम भी अब तो खरीदने से डर लगता है।

महेंद्र, कटघर

रूम हीटर और ब्लोअर घरों में होते हुए भी बहुत कम इस्तेमाल हो रहे हैं। मैं तो सिर्फ सीएफएल ही खरीदने आया हूं।

हुदा, मानपुर

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