रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने नोटबंदी को लेके तोड़ी चुप्पी

मुंबई- नोटबंदी के 19वें दिन आखिरकार रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने चुप्पी तोड़ी। हर सवाल के जवाब दिए जो लोगों के मन में हैं। नोटबंदी को उन्होंने पूरे जीवन में कहीं एक बार आने वाली घटना करार दिया। साथ ही यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक सभी जरूरी कदम उठा रहा है ताकि ईमानदार नागरिकों की तकलीफें जल्द से जल्द दूर हों। पटेल को उम्मीद है कि जल्द ही चीजें सामान्य हो जाएंगी। नकदी की कोई कमी नहीं है।

500 और 1000 की नोटों को वापस लेने के फैसले के बाद पहली बार बोलते हुए पटेल ने बताया कि स्थितियों पर रिजर्व बैंक की नजर है। प्रिंटिंग प्रेसों में 100 और 500 के नोटों की छपाई तेज हो गई है। रोजाना बैंकों से संपर्क किया जा रहा है। बैंकों व एटीएम मशीनों पर कतारें धीरे-धीरे कम हो रही हैं। बाजारों में भी कामकाज शुरू हो गया है। रोजाना उपभोग की वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। 40 से 50 हजार लोगों को एटीएम को दुरुस्त करने में लगाया गया है। करेंसी उपलब्ध है और बैंक मिशन मोड में काम कर रहे हैं। दिन-रात मेहनत कर रहे बैंककर्मियों का उन्होंने आभार व्यक्त किया।

लोगों से की अपील

पटेल ने जनता से डेबिट कार्ड व डिजिटल वॉलेट का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करने का आग्रह किया। इससे लेनदेन सस्ते व आसान होंगे व भारत भी विकसित देशों की तरह नकदी के कम से कम उपयोग वाला देश बन सकेगा। बैंकों से भी कहा गया है कि वे व्यापारियों के यहां ज्यादा से ज्यादा पीओएस (पाइंट ऑफ सेल) मशीनें लगाएं, ताकि डेबिट कार्ड का ज्यादा उपयोग हो सके।

अलग डिजाइन के नोट क्यों

अलग आकार-प्रकार के नोटों को लाने की जरूरत पर उठ रहे सवालों का भी उन्होंने जवाब दिया। कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि नई नोटों की नकल कर पाना मुश्किल हो। जब इतने बड़े स्तर पर बदलाव हो रहा हो तो सर्वोत्तम मानकों को अपनाया जाना चाहिए। नई नोटों में ज्यादा सुरक्षा फीचर हैं।rbi-k0jb-621x414livemint

उर्जित के बचाव में उतरे जेटली

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल का बचाव किया है। कांग्रे
स नेता जयराम रमेश ने नोटबंदी के मुद्दे को लेकर पटेल पर निशाना साधा था। वित्त मंत्री ने पटेल पर हमले को अनुचित बताते हुए कहा कि राजनीतिज्ञों को ऐसे लोगों पर हमला नहीं करना चाहिए जो अपना बचाव नहीं कर सकते।

एक अखबार में छपे लेख में कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि सरकार ने रिजर्व बैंक को अंधेरे में रखा। या तो उर्जित पटेल देश को नोटबंदी पर रिजर्व बैंक की तैयारियों को लेकर गुमराह करने के दोषी हैं या फिर उन्होंने रिजर्व बैंक की स्वायत्तता से समझौता किया है। दोनों ही स्थितियों में उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। इस पर जेटली ने ट्वीट किया कि रमेश की आलोचना अनुचित है। क्या राजनीतिज्ञों को ऐसे लोगों पर हमला करना चाहिए, जो उनके लहजे में अपना जबाव नहीं दे सकते।

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