ग्रीन शेड में ही की जाएगी आर्थाे के मरीजों की जांच

शिमला.आईजीएमसी में हड्डियों के मरीजों को अब जांच के लिए पुराने अस्पताल भवन स्थित आर्थो ओपीडी में पहुंचने की जरूरत नहीं रहेगी। अस्पताल प्रशासन जल्द ही आर्थो ओपीडी को आईजीएमसी के मुख्य गेट के पास बने ग्रीन शेड में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। आईजीएमसी का नया भवन बनने तक ये ओपीडी ग्रीन शेड में ही चलाई जाएगी।
काम में हो रही थी परेशानी
नए भवन में आर्थो ओपीडी शिफ्ट होने के बाद मरीजों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। पुरानी आर्थो ओपीडी नए भवन निर्माण कार्य में बाधा उत्पन कर रही थी। इस चलतेे लोक निर्माण विभाग ने आर्थो ओपीडी को डिस्मेंटल करने की मांग की थी, ताकि उनका काम निर्बाध चलता रहे। ग्रीन शेड में आर्थो ओपीडी के चार कैबिन बनाए जा रहे हैं। इनका काम इन दिनों चला हुआ है। आगामी दो से तीन दिनों में यह काम पूरा कर दिया जाएगा। इसके बाद आर्थो ओपीडी को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
इसलिए हो रही शिफ्टिंग
आईजीएमसी अस्पताल के बन रहे नए भवन की बिल्डिंग तैयार होकर पुराने आर्थो ओपीडी तक पहुंच गई है। इसके चलते आर्थो ओपीडी को तोड़कर नए भवन की मंजिल बनाई जाएगी। इसके चलते अस्पताल प्रशासन ने पुरानी ओपीडी को डिस्मेंटल करने का निर्णय लिया है। मौजूदा समय में आर्थो ओपीडी में जगह कम होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। छोटे-छोटे पांच-छह कमरों की ओपीडी में न तो डॉक्टरों के लिए बैठने की जगह थी और न ही मरीजों को खड़े होने और बैठने के लिए जगह।
ओपीडी में बनाए गए कैबिन
ओपीडी में 10 से अधिक मरीज पहुंच जाते हैं तो ओपीडी में चलने के तक की जगह नहीं रहती थी। अस्पताल प्रशासन के आर्थो ओपीडी ग्रीन शेड में शिफ्ट करने से मरीजों अौर तीमारदारों को परेशानी हो सकती है। अस्पताल की ओर से मरीजों और तीमारदारों को ठहरने और बैठने के लिए ग्रीन शेड बनाया गया था, लेकिन अब ग्रीन शेड के कुछ भाग में आर्थो ओपीडी में कैबिन बना दिए गए हैं। इससे यहां पर जगह कम हो जाएगी। इससे यहां पर लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ेगा। हालांकि अस्पताल प्रशासन खाली जगह पर मरीजों को बैठने और रहने की परमिशन दी है।
आर्थो के मरीजों को होगी सुविधा
आर्थाे आेपीडी के ग्रीन शेड मेें शिफ्ट होने के हडि्डयों की बीमारी से संबधित मरीजों को सुविधा मिलेगी। मेन गेट के पास ही उनकी जांच हो सकेगी। इससे पहले उन्हें आर्थो आेपीडी में पहुंचने के लिए थोड़ा पैदल जाना पड़ता था।
इनका क्या है कहना
आईजीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. अशोक शर्मा ने कहा है कि कुछ महीने के लिए आर्थो ओपीडी ग्रीन शेड में शिफ्ट की जा रही है। ओपीडी ब्लाॅक शुरू होते ही इसे नीचे शिफ्ट कर दिया जाएगा। ऐसा नहीं है कि मरीज वहां नहीं रह सकते हैं। ओपीडी के बाहर बची हुई जगह में मरीज व उनके साथ आए लोग रह सकते हैं। इसके अतिरिक्त लोगों को सराय भवन में ठहराने की कोशिश की जाएगी।

Check Also

गुजरात नगरपालिका ने मोरबी पुल टूटने की ली जिम्मेदारी :

गुजरात हाई कोर्ट में आज आखिर मोराबी नगर पालिका ने यह बात स्वीकार किया कि …