जिंदा कारतूस के केश को कोर्ट ने किया ख़ारिज

मुंबई- बाॅम्बे हाईकोर्ट ने पर्स में बंदूक की गोली की साथ पकड़ी गई महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए साफ किया कि महिला को पर्स में गोली होने की जानकारी नहीं थी। इसलिए आर्म्स एक्ट के तहत महिला के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।
– विदेश से लौट रही रीटा शाह को साल 2013 में मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जिंदा कारतूसlaw के साथ पकड़ा गया था।
– शाह के पर्स में एक जिंदा कारतूस मिला था इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसे रद्द करने की मांग को लेकर शाह ने हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया था।
– आवेदन में शाह ने कहा था कि उसके पति अमेरिका में निशानेबाजी की एक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गए थे। हो सकता उन्होंने मेरे पर्स में एक गोली रख दी हो,मुझे अपने पर्स में गोली होने की कोई जानका
री नहीं थी।
– मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि पुलिस ने अपनी तहकीकात के दौरान शाह के पति से सही स्थिति जानने के लिए संपर्क भी नहीं किया है।
– इस दौरान खंडपीठ ने 1993 के बम धमाके के मामले में सजा काटने के बाद बरी हुए संजय दत्त के मामले का भी जिक्र किया।
– खंडपीठ ने कहा कि महज किसी के पास हथियार मिलना अपराध के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है हथियार रखनेवाले को इसकी जानकारी होना जरूरी है।

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