दिल्ली में ट्रिपल अटैक, ठंड-कोहरे के साथ वायु प्रदूषण की भी परेशानी बढ़ी

नई दिल्ली (जेएनएन)- दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को ट्रिपल अटैक हुआ है। एक ओर जहां पर ठंड और जबरदस्त कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थित फिर गंभीर हो गई है, जिससे यहां के लोगों का सांस लेना मुहाल हो गया है। यहां पर बता दें कि दिल्ली में पिछले 17 वर्षोंairquality2 की सबसे खतरनाक धुंध को देखते हुए पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की करीब 1800 प्राथमिक स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया था। स्काईमेट के अनुसार, दिल्ली के पालम इलाके में सबसे घना कोहरा रहा। यहां सुबह 6 से 7 बजे के बीच विजिबिलिटी घटकर 400 मीटर तक रह गई। आरके पुरम, साकेत, एम्स, धौलाकुआं, ईस्ट ऑफ कैलाश, नोएडा और फरीदाबाद में भी विजिबिलिटी बेहद कम थी। उत्तर भारत में ठंड के साथ कोहरे की दस्तक,
वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि राजधानी में हवा की गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ बना रहेगा। कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर PM 2.5 और PM 10 सामान्य से ज्यादा है।
दिल्ली में प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने वाली एजेंसी से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली के आनंद विहार में करीब सुबह 8:30 बजे पार्टिकुलेट मैटर या पीएम 10 की सांद्रता 401 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही, जबकि इसका सुरक्षित स्तर 100 माइक्रोग्राम है। वायु गुणवत्ता मापने के मानक पीएम 2.5 का स्तर सुरक्षित स्तर से कईairquality3 गुना तक बढ़ा हुआ है। वहीं, आरकेपुरम और शादीपुर में भी स्थिति बेहद खराब है।
बुधवार से राजधानी के न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र बनने की वजह से हवा बहने के पैटर्न में बदलाव हुआ है। इसकी वजह से ह्यूमिडिटी भी बढ़ी है। इस वजह से से ही पूरे उत्तर भारत में कोहरे के हालात बने हैं। जबरदस्त कोहरे की चपेट में पूरा उत्तर भारत, ट्रेनें लेट-उड़ानें भी हुईं प्रभावित
हवा में मौजूद इन प्रदूषक कणों की अत्याधिक मात्रा से ज्यादा देर संपर्क में रहने के कारण आपको सांस की गंभीर बीमारियां होने का डर रहता है। गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता हाल के वर्षों में लगातार खराब होती रही है। इस
की एक बड़ी वजह तेजी से बढ़ते शहरीकरण को माना जा रहा है, जिससे
डीजल इंडन्स, कोयला चलित विद्युत इकाई और औद्योगिक उत्सर्जन में इजाफा हुआ है। इसकी एक वजह खेतों में फसलों की पराली जलाने और लकड़ी या कोयले के चूल्हों से निकलने वाले धुएं को भी माना जाता है। वहीं, मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को जारी वॉर्निंग में बताया गया था कि दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद कम से औसत कोहरा रहेगा।

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