उत्तराखंड: थल सेना की भर्ती की पहली बाधा पार करने में युवाओं का फूल रहा दम

उत्तराखंड- के पर्वतीय क्षेत्र के युवा शुरू से ही अपने दमदख पर सेना में भर्ती होते रहे हैं. यही उनकी एक पहचान भी रही है. लेकिन हाल के कुछ वर्षो में यहीं के युवाओं की थल सेना की भर्ती की पहली बाधा पार करने के दौरान ही सांसे टूटती नजर आई हैं.
भारतीय थल सेना के लिए गढ़वाल राइफल रेजीमेंट लैंसडौंन की ओर से कोटद्वार में उत्तराखंड के 7 जिलों में भर्ती हुई. युवाओं के लिए जब भर्ती रैली का आयोजन किया गया तो यह चौकाने वाली बात सामने आई कि यहां के अधिकांश युवा भर्ती रैली की पहली बाधा पार करने के दौरान ही लड़खड़ाते नजर आये. जो न केवल भविष्य के लिए खतरे की ओर इशारा कर गया बल्कि यहां की सैन्य परम्पराओं पर सवालिया निशान लगा गया.
दरअसल भारतीय थल सेना के लिए कोटद्वार में 16 नवम्बर से लेकर 23 नवम्बर तक गढ़वाल राइफल रेजीमेंट लैंसडोन की ओर से जो भर्ती रैली आयोजित की गई उसमें 80 फीसदी युवा तो सेना में भर्ती के लिए पहली बाधा ही पूरी नही कर पाये.यानि 5 मिनट 40 सेकण्ड में 1600 मीटर की दूरी भी यहां के युवा पूरी नहीं कर पाये. दौड़ के दौरान यहां के युवाओं का आलम यह था कि किarmy-bhartyसी की सांस फूल रही थी तो किसी के लड़खड़ा रहें थे.
आईए एक नजर डालते है गढ़वाल मंड़ल के उन 7 जनपदों की भर्ती रैली के रिकोर्ड पर कि कितने युवा भारतीय थल सेना की भर्ती रैली की पहली बाधा पार कर पाये.
1. उत्तरकाशी के 3255 युवाओं ने भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन किया, जिसमें 2737 युवाओं ने भाग लिया लेकिन मात्र 458 युवा की दौड़ पूरी कर पाये.
2. टिहरी के 5721 युवाओं ने भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन किया, जिसमें 4756 युवाओं ने भाग लिया, लेकिन मात्र 744 युवा की दौड़ पूरी कर पाए.
3.पौड़ी जनपद के 11357 युवाओं ने भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन किया, जिसमें 9502 युवाओं ने भाग लिया लेकिन मात्र 1528 युवा ही दौड़ पूरी कर पायें.
4.रुद्रप्रयाग जनपद के 4233 युवाओं ने भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन किया जिसमें 3840 युवाओं ने भाग लिया लेकिन मात्र 765 युवा ही दौड़ पूरी कर पायें.
5.चमोली जनपद के 6204 युवाओं ने भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन किया जिसमें 5049 युवाओं ने भाग लिया, लेकिन मात्र 812 युवा ही तय समय में दौड़ पूरी कर पाये.
6.देहरादून जनपद के 5358 युवाओं ने भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन किया, जिसमें 2933 युवाओं ने भाग लिया लेकिन मात्र 321 युवा ही तय समय में दौड़ लगा पायें
7.हरिद्वार जनपद के 4252 युवाओं ने भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन किया जिसमें 2659 युवाओं ने भाग लिया लेकिन मात्र 388युवा ही दौड़ पूरी कर पाए.
उधर दूसरी ओर युवाओं के इस तरह सेना में भर्ती होने की पहली सीढ़ी में ही फेल होने के पीछे चिकित्सक खान-पान और नशीले पदार्थो के सेवन को जिम्मेदार ठहरा रहें है. डॉ.सुभाष कुमार एक ओर जहां इसके लिए युवाओं के खान-पान और नशीले पदार्थो को जिम्मेदार ठहरा रहें है.
वहीं दूसरी ओर गढ़वाल राइफल रेजीमेंट के निदेशक कर्नल एएस मांगट भी इसके लिए युवाओं के रहन सहन और नशीले पदार्थो के सेवन का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल सबसे बड़े कारण के रुप में बिना रहें है.
हालांकि सेना के अधिकारियों की यदि मानें तो जिन युवाओं ने दौड़ भी पूरी कर ली है, उनमें से भी कुछ फिजिकल फिटनेश में फेल हो सकते हैं. ऐसे में जानकार भी इस मामले को लेकर ज्यादा गम्भीर है. वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी की यदि मानें तो जिस प्रदेश की सैन्य परम्पराओं की दूसरे प्रदेशों में मिसाल दी जाती हो उस प्रदेश के ही युवाओं के जब हाल हैं तो सोचने वाली बात है.

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