दिल्ली के दर्द से वाकिफ हुआ सूरत निकली रैली

लगातार बढ़ रहे धुंध और प्रदुषण ने दिल्ली वालों का जीना मुहाल कर दिया है इसी से सीख लेते हुए सूरत समेत देशभर के लोगों को जागरुक करने के लिए एक अनूठी पहल हुई है. सूरत में सोमवार को 251 दूल्हों की एक साइकिल रैली प्रदुषण मुक्ति के लिए निकाली गई. पटेल समाज की ओर से आयोजित इस जन जागृति साईकिल रैली के जरिये शहर में ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ विवाह समारोह में बैंड और आतिशबाज़ी के जरिये ध्वनि और वायु प्रदुषण को रोकने का संदेश दिया गया.

सिर पर पगड़ी और साइकिल की सवारी कर रहे ये लोग सूरत पाटीदार पटेल समाज के वो युवा हैं जिनकी आगामी 10 नवंबर को एक सामूहिक विवाह समारोह में शादी होनी है. पटेल समाज के इन युवाओं ने दिल्ली के प्रदूषण से हो रही लोगों की मुश्किलों से सीख लेते हुए सूरत सहित देश के लोगों को अपने-अपने शहरों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने का संदेश दिया है. साइकिल रैली निकालने वाले इन दूल्हों के हाथों में पर्यावरण बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा साइकलिंग करने की अपील वाले पोस्टर हैं. सूरत में पर्यावरण बचाने और शहर में बढ़ती यातायात समस्या के प्रति जागृत करने के लिए निकाली गई इस रैली को लेकर आयोजकों का कहना है कि प्रदूषण को लेकर दिल्ली जैसी परिस्थिति लगभग देश के सभी शहरों में है. सूरत में भी प्रदूषण से लोगों को परेशानी होने लगी है. प्रदूषण के प्रति लोग जागृत हो इसलिए दूल्हों की ये साइकिल रैली निकाली गई.

प्रदूषण जागृत के लिए सूरत में निकली दूल्हों की इस साईकिल रैली को हरी झंडी दिखाने के लिए सूरत के कलेक्टर महेंद्र पटेल सहित स्वामी नारायण संप्रदाय के साधु संत भी मौजूद रहे थे. प्रदूषण जागृत के लिए निकाली गई इस रैली में इन दूल्हों के साथ सूरत के कलेक्टर ने भी साईकिल चलाई थी. जन जागृति के लिए निकाली गई इस रैली में कलेक्टर को साइकलिंग करते देख दूल्हे भी भौचक्के रह रह गए थे. प्रदूषण से दिल्ली की बदहाली और सूरत की सतर्कता को लेकर कलेक्टर ने कहा कि उनके विभाग द्वारा हर हफ्ते में प्रदूषण को लेकर रिपोर्ट की जाती है. सूरत में भी बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं लोगों को भी जागृत होने की जरुरत है.

शहर को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने के लिए निकाली गई इस साईकिल रैली में 251 दूल्हों के अलावा आम लोग भी शामिल हुए थे. सूरत की इस साइकिल रैली में एक वो जोड़ा भी शामिल था जो 10 नंवबर को सामूहिक विवाह समारोह के जरिये शादी के बंधन में बंधने वाला है. पाटीदार समाज के इस जोड़े की शादी में धार्मिक विधि के लिए किये जाने वाले खर्च को बचाया जायेगा यह जोड़ा सिर्फ फूलों के हार को एक दूसरे के गले में डालकर शादी की विधि पूरी करेगा. ध्वनि और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए इनकी शादी में ना बैंड होगा और न आतिशबाजी होगी.

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