इस दिन धरती के सबसे करीब होंगे डार्क स्काई, मून स्काई और वीनस

दरअसल अंतरिक्ष के अध्ययन के लिहाज से मुक्तेश्वर देश के चुनिंदा मुफीद स्थलों में शामिल है। पिछले चार दशक से देश-विदेश के तमाम प्रतिष्ठित वैज्ञानिक यहां से अंतरिक्ष का सर्वेक्षण कर रहे हैं। इस क्षेत्र के पूर्ण रूप से प्रदूषण मुक्त होने की वजह से यहां से आसमान बिलकुल साफ दिखता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में स्थित देवस्थल के पास एशिया की सबसे बड़ी दूरबीन स्थापित की गई है।
मुक्तेश्वर की इन्हीं खूबियों को देखते हुए यहां राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला और फोटोग्राफी प्रतियोगिता कराने की योजना बनाई। उद्देश्य था इस क्षेत्र में अंतरिक्ष टूरिज्म को विस्तार देना।
कार्यशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिष्ठित फोटोग्राफर और प्रतिष्ठित स्कूलों के बच्चे हिस्सा लेने आ रहे हैं। इसमें एरीज के वैज्ञानिक उन्हें ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर अब तक की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।
कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले बच्चों के लिए अंतरिक्ष पर आधारित एक चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। शाम पांच बजे के बाद प्रोफेशनल फोटोग्राफर आसमान को अपने कैमरे में कैद करने निकल पड़ेंगे।
कार्यशाला में दी जाएगी ब्रह्मांड की जानकारी 
एरीज के वैज्ञानिक ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में बताएंगे। वर्तमान में ब्रह्मांड की स्थिति के बारे में जानकारी देंगे। एस्ट्रोनॉमी पर्यटन को बढ़ावा देने के बारे में जानकारी देंगे। सूर्य के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

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