नोटबंदी: स्याही निर्वाचन आयोग की प्रोपर्टी, बिना अनुमति नहीं कर सकते इस्तेमाल

500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी लगने के बाद कैश देने को लेकर तमाम तरह के नियम भी बनाए गये हैं. बैंकों में लगी भीड़ को कम करने के लिए उंगली पर स्याही लगाई जा रही है. इसी को लेकर डीएम देहरादून ने निर्देश जारी किए हैं. गौरतलब है कि इंडेलिबल इंक निर्वाचन आयोग की प्रोपर्टी है. बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के इस स्याही का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

डीएम का कहना है कि कईं बैंकों ने उनसे संपर्क कर स्याही के इस्तेमाल को लेकर संपर्क किया है. बताया गया है कि यह स्याही भारत निर्वाचन आयोग की संपत्ति होती है. बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के जिला प्रशासन इस इंक को बैंकों को उपलब्ध नहीं करा सकता है.

बाएं हाथ की तर्जनी उंगली के संबंध में गाइड लाइन

डीएम रविनाथ रमन ने जानकारी देते हुए ये भी बताया है कि बैंक बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर इंडेलिबल इंक का इस्तेमाल नहीं कर सकते, क्योकि वोटिंग के दौरान बाएं हाथ की तर्जनी उंगली में इस इंक को लगाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है. लिहाजा भारत निर्वाचन आयोग के जो भी निर्देश है, उनका पालन करना बेहद जरूरी है.

‘अफवाह औऱ फर्जी मैसेज पर ना दें ध्यान’

नोटबंदी लगने के बाद से सोशल मीडिया में भेजे गये मैसेज कई बार फर्जी पाए गये, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का समान भी करना पड़ा. तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए डीएम रविनाथ रमन ने लोगों से अफवाह और फर्जी मैसेज पर ध्यान ना देने की अपील की है.

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