पहले अवैध निर्माण कराया और अब आ गये तोड़ने।

मेरठ:  मेरठ विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को मेरठ रुड़की रोड पर एमआइईटी कालेज के पास बनी 22 अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान टीम को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। लोग जेसीबी के आगे लेट गए। हालात बिगड़ते देख एमडीए को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को जेसीबी के आगे से हटाया।

सुबह साढ़े आठ बजे जोनल अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह यादव के नेतृत्व में नोडल अधिकारी रामपाल सिंह राठौर, समस्त अवर अभियंता लाव-लश्कर के साथ पहुंच गए। यहां शेखर पुत्र हरि सिंह द्वारा अवैध रूप से 22 दुकानों का निर्माण किया गया था। एसडीएम हर्षिता माथुर, सीओ सरधना सीपी सिंह, एसओ अखिलेश सिंह समेत भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। दुकानों को तोड़ते समय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। गुस्साए लोग एमडीए की टीम से भिड़ गए। ईट-पत्थर लेकर टीम को दौड़ा लिया गया, पुलिस ने हालात संभाले। करीब दो घंटों तक हंगामा चलता रहा। लोगों ने एमडीए पर मिलीभगत से ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया। कहा कि पहले अवैध निर्माण कराया और अब तोड़ने आ गए।

सिफारिशों का चला दौर

अवैध निर्माण को लेकर कई लोगों की सिफारिशों को लेकर भी अफसरों के फोन घनघनाए। वहीं बुधवार को कार्रवाई की भनक पर कई महिला व पुरुष भी एमडीए वीसी योगेंद्र यादव से मिले थे। जिस पर वीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। योजना बुधवार को ही बना ली गयी थी। प्राधिकरण इसे बड़ी कार्रवाई मान रहा है। वैसे भी एक साथ 22 दुकान अभी तक एमडीए की टीम ने कहीं नहीं तोड़ी।

छलक पड़े आंसू

बिल्डर ने अधिकांश दुकानें बेच दी थीं। ऐसे में मौके पर दुकानदार अपने सामने अपनी संपत्ति उजड़ती देख सहम गए। महिलाओं के तो आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। लोगों का कहना था कि बिल्डर और एमडीए के बीच हमारी तो जमा पूंजी ही चली गयी।

इनका कहना है …

अवैध निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना मानचित्र के जो भी अवैध निर्माण करेगा, उसको ध्वस्त किया जाएगा। लोगों से भी अपील है बिना मानचित्र के न तो कोई निर्माण करें और न ही कोई ऐसे मकान या दुकान खरीदें।

-जितेंद्र प्रताप सिंह यादव, जोन सी नोडल अधिकारी।

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