‘मन की बात’ में पीएम मोदी हुए भावुक, याद आए मसीहा बने बैंक मैनेजर

नोटबंदी- के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार ‘मन की बात’ करते हुए कहा कि यह निर्णय आसान नहीं था. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने पहले कहा था कि नोटबंदी का फैसला बहुत बड़ा है और स्थिति सामान्य होने में 50 दिन लगेंगे.’ साथ ही प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के बैंक मैनेजर का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं बैंककर्मियों की कड़ी मेहनत देख सकता हूं. नोटबंदी के बाद से ये दिन रात काम में जुटे हुए हैं. आगे, खंडवा के बैंक मैनेजर की पीएम ने कौन सी बात के लिए तारीफ की.pm-mann-ki-baat
यह बेहद भावुक कर देने वाला मामला मध्य प्रदेश के खंडवा शहर का है. यहां रहने वाले रिटायर्ड कर्मचारी छगनलाल एक हादसे का शिकार हो गए. इस वजह से उन्हें ऑपरेशन के लिए एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती किया गया. लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने नए नोट के बिना ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया.
छगनलाल के परिजन पैसे निकालने बैंक पहुंचे तो वहां लोगों की लम्बी कतार थी. काफी देर बाद उनका नंबर आया तो घायल छगनलाल के हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने से बैंककर्मियों ने पैसे देने में खुद को असमर्थ बताया.
परिजन खाते में पैसे होने के बावजूद घंटों भटकते रहें. बैंक मैनेजर प्रदीप यादव की जानकारी में सारा मामला आया तो वह मदद के लिए खुद आगे आए.
मैनेजर यादव ने बैंक से 24 हजार रुपए लिए और सीधे अस्पताल पहुंच गए. यहां उन्होंने अपने अपने सामने ही बैकिंग से जुड़ी सारी प्रकिया पूरी कर छगनलाल को 24 हजार रुपए सौप दिए.

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मैनेजर प्रदीप यादव की इस नेक पहल से परिजनों को रुपए मिले, जिसके बाद ही छगनलाल का ऑपरेशन शुरू हो सका.
केंद्र सरकार ने 8 नवंबर की रात से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद कर दिए, जिसके बाद देशभर में मारपीट, लाठीचार्ज और विवाद की खबरों के बीच खंडवा का यह मामला हर किसी के लिए मिसाल हैं.

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