फिल्म रेज योर वौइस् एक आवाज़, महिलाओं की समस्या पर आधारित है फिल्म : प्रांजल सिंह

 

10420067_1567457073508639_7728420351123025017_nदुर्गा पूजा त्योहार महिषासुर राक्षस बुराई भैंस पर देवी दुर्गा की विजय का प्रतीक हैइस अवसर निर्माता / निर्देशक पर प्रांजल सिंह अपनी फिल्म के प्रीमियर कर रहे है रेज योर वॉइस एक आवाज़ प्रांजल दुर्गा पूजा का त्योहार पर प्राइमरक्या करना चाहते हैं, क्योंकि इस फिल्म में महिलाओं को जो अपने रोजमर्रा के जीवन में सामना करना पड़ता है, मां दुर्गा बुराई को मारती है और इस धरती को स्वच्छ बनाती है, इसलिए प्रांजल दुर्गा पूजा पर इस फिल्म दिखाना चाहते हैं की हर महिलाओं को मां दुर्गा की तरह होना चाहिए ताकि वो अपनी आवाज़ उठाये और बुराई को हटाये. इस फिल्म को देखने के बाद वह भी खड़े हो कर अपराध के खिलाफ अपनी आवाज उठाने और इस दुर्गा पूजा में अपराध को मारने की कोशिश करे ।

1545678_1560625767525103_2129490786279837041_nफिल्म रेज योर वौइस् एक आवाज़ वास्तव में महिलाओं की समस्या पर आधारित है जो समाज में अलग अलग समस्या का सामना करती है ,इस में फिल्म निर्देशक ने अलग घटना को दिखाया है जहां महिलाओं समाज में विभिन समस्या का सामना करता है और साथ में ये भी दिखाया गया है की कैसे समाधान के साथ समस्या से बाहर आये. यह फिल्म समाज में यौन उत्पीड़न, ईव चिढ़ा, और अन्य सामाजिक बुराइयों और अत्याचार के खिलाफ महिलाओं के बारे में है निर्माता-निर्देशक प्रांजल सिंह अपनी फिल्म दिखाए, सविशेष समारोह में पूरी कास्ट और फिल्म के चालक दल पर मौजूद थे और लोगों को इस विशेष समारोह में पूरी कास्ट और फिल्म के चालक दल पर मौजूद थे और लोगों को इस फिल्म में उनके उत्साह और रुचि दिखाई दी इस में फिल्म आधुनिक समाज की महिलाओं कैसेअपराधों के खिलाफ कड़ी हो और उसके , खिलाफ विद्रोह करे, 18723_1567457186841961_245085445411930365_nफिल्म बलात्कार और यौन उत्पीड़न के लिए संयुक्त राष्ट्र की सूचना दी, और हमारे समाज में ऐसे घटना जो रिपोर्टेड नै है उन मामलों को उजागर करने का एक प्रयास है. जहां लोगों को आप जानते हैं, आपविश्वास करते हैं, तो आप सबसे अधिक भरोसा है और उन लोगों के साथ सुरक्षित महसूस करते है और आप को सबसे अधिक दुख भी वही पहुचते है. इस फिल्म में कई कलाकार है यह फिल्म पटना बिहार और उत्तरप्रदेश में शूटिंग हुआ है फिल्म का मुख्य उद्देश्य हरकिसी में छिपा “इंसानियत” बाहर लाने के लिए है। यह महत्वपूर्ण हर महिलाओं को अपने अधिकारों का पता होना चाहहिये क्या बलात्कार कि सूचित किया जाना चाहिए और हमारे समाज के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता उनकी मानसिकता बदलने की जरूरतहै। महिलाओं के शिकार हैं; वे दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए या उन्हें क्या हुआ के लिए दोषी ठहराया। महिला पीड़त है उन्हें किनारा नै करना चाहिएहमारा मानना है कि हो सकता है कि आज के समाज में एक लड़की को एक अपराध नहीं है लेकिन गर्व की बात है। इस फिल्म में निर्देशक दिखाने की ये कोइष केर रहे है की आपको अपनी आवाज़ खुद उठानी चाहिए आपके लिए कोई और कभी नै आएगा साथ ही में निर्ममता में ये भी देखय है जब कोई भी महिला , लड़की या बच्ची समस्या झेल रही है तभी एकआदमी सफ़ेद कडपे और उस महिला को कार्ड एक देता है जिसके एक तरफ रेज योर वौइस् लिखा है और दूसरी तरफ इंसान इस फिल्म में एक गाना जो लिखा गाया गया है और प्रसिद्ध गायक आशीष जोशुआ के द्वारा और संगीत निर्देशक सौम्यशील मालवीय का है

11169960_450989101734804_6045046223102072304_nइस फिल्म में तरह तरह

की छोटी छोटी कहानिया दिखाई

जैसे – १ महिला को होम ट्यूटर ने तंग किया

२ महिला को उनके प्रेमी और महिला की दोस्त को उनके प्रेमी के दोस्त ने नाचे की हालात में छेड़ा

३ पुलिस ने गंदे से बेहवे किया

४ महिला पब्लिक ट्रांसपोर्ट में उत्पीड़िन हुई

५ ऑफिस में सीनियर द्वारा बदसलूखी किया गया

६ रोड पे चलते महीने के साथ कुछ बडसलूकि की गयी

७ पति द्वारा झगरा करना

८ पढाई करने से रोकना

९ बस स्टॉप में मचले लड़को द्वारा छेधन

तथा अनन्य समस्या को देखय गया है

इस फिल्म में सूर्य चौहान द्वारा बोला वौइस् ओवर भी है जो लोगो को काफी पसंद आया

जिससे सुनने के बाद महिला होने पर गर्व होता है

 

उसके बोल इस प्रकार है

में माँ हु बेटी भी, में बहिन भी हु किसी की

बड़े शौख से सझती दुल्हन भी हु किसी की

कोई पुजता है, कोई चाहता है

कोई अदब से है पुकारता

कोई कोसता है तो तोड़ता, कोई राख्छसी सा प्रताड़ता,

कोई इश्क़ के मूरत बना घर से जोड़ता

कोई ककुछ पालो का भोग केर के बेदिली सा है छोड़ता

बरसो पुराने घर को अपने छोड़ने की रीत है

पर क्यों भला मेरे हिस्से में फिर बिरह का गीत है

में पयार हु, में दुलार हु, में ज़िन्दगी का श्रृंगार हु

क्यों कुछ नहीं बोल पति में क्यों सब कुछ से जाती में

मुझमें भी तू कुछ जान है, अपनी भी एक पेचान है

मुझसे है ये जग जान लो, बड़ी कीमती हु ये मान लो

मुझ बिन यहाँ सब वार्यतः है, में हु तू सब में अर्थ है

जिसने ये श्रीस्ट्री सवारी है

वो औरत है वो नारी है

वो औरत है वो नारी है

फ़िल्मी दुनिया में अपनी छाप छोड़ने की तेयारी कर चुके प्रांजल ने कई फिल्मे की ओर आगे भी करते रहेंगे| जब इंडिया जंक्शन न्यूज़ ने बात की ओर जानना चाहा की अभी तक आप द्वारा कोन कोन से फिल्मे की गई व आपकी क्या भूमिका रही तब जानकारी मिली की अब तक जो फिल्मे की गई वो इस प्रकार हे

1- बुलट राजा

2 -तनु वेड्स मनु रिटर्न

3 – दावते इश्क

4 – इश्क जादे

के अलावा अनेक फिल्मे की सह निर्देशक के रूप में |

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