झूठे आरोपों से बचाया कैब ड्राइवर को, अब हो रही तारीफ………….

मुंबई। मुंबई की एक लड़की की फेसबुक पर चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, उसने एक सहयात्री के झूठे आरोपों के बाद निर्दोष टैक्सी चालक को पुलिस कार्रवाई से बचाने में मदद की थी। अपनी पोस्ट में उसने इस बात का जिक्र किया था, जिसके बाद यह वायरल हो गई।

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अपनी एफबी पोस्ट में मुंबई की हिमानी जैन ने दिलचस्प अनुभव को लिखा। उसने लिखा कि मैंने कल ऑफिस से घर के लिए उबेर कैब ली। ड्राइवर, शाहिद (बदला हुआ नाम) बहुत विनम्र था और उसने अच्छी तरह से व्यवहार किया। मैंने एक महिला के साथ टैक्सी साझा की थी।

शायद करीब 30 साल की रही उस महिला सहयात्री ने टैक्सी में बैठने के एक मिनट के भीतर ही शाहिद से ड्रॉप को लेकर बहस शुरू कर दी। उसने विनम्रता से समझाया कि वह ऐप की बताई जगह पर ही ड्रॉप करेगा और वह अपनी मर्जी से रास्ते को नहीं चुन सकती है।

मगर, महिला बहुत गंदे तरीके से शाहिद से बात कर रही थी। उसने कहा कि मैं तुम्हें (शाहिद) तमाचा मार दूंगी, वगैरह-वगैरह। मैंने उसे शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उसका पारा तो बढ़ता ही जा रहा था। उसने शाहिद से पुलिस स्टेशन चलने के लिए कहा और मुझे शाहिद के खिलाफ शिकायत में शामिल होने को कहा।

जब मैंने ऐसा करने से इंकार कर दिया, तो वह मुझ पर भी भड़क गई और अपशब्द कहने लगी। शाहिद ने मेरी ट्रिप खत्म होने के बाद कैब में हुई असुविधा के लिए मुझसे मांफी मांगी और कहा कि मैं घर के लिए दूसरी राइड ले लूं।

 

ये ड्रामा चल ही रहा था, तब तक 20 लोगों और दो सुरक्षाकर्मी महिलाएं हमारे टैक्सी के आसपास जमा हो गईं। जैन ने अपना नंबर सुरक्षाकर्मी महिलाओं को दे दिया ताकि पुलिस तक मामला पहुंचने पर वह शाहिद की मदद कर सके। इस बीच गायत्री और शाहिद दोनों ने ही 100 नंबर डायल कर दिया था।

जब मैं वहां से जाने लगी, तो सुरक्षाकर्मी बोली ‘मैडम आप न जाओ। पुलिस स्टेशन चलो वो शाहिद को मार डालेंगे। महिलाओं का मामला है, तो इसकी कोई नहीं सुनेगा। हालांकि, रात के नौ बज चुके थे और मैं पुलिस स्टेशन जाने से डर रही थी। मगर, मैं उसे उस स्थिति में छोड़ने को भी तैयार नहीं थी। इसलिए मैंने उनके साथ पुलिस स्टेशन जाने का फैसला किया।

मजेदार बात यह है कि जब सहयात्री कांस्टेबल को यह सब हंगामा समझा रही थी, तो उन्होंने पूछा कि ‘मैडम, समस्या क्या है। तब उसने शाहिद को झूठा फंसाने के लिए कहा कि उसने गाली दी और कार से नीचे उतरने के लिए कहा।

जैन ने पुलिस को बयान दिया कि वह शाहिद और सहयात्री दोनों से संबंधित नहीं है। वह यहां शाहिद का समर्थन करने के लिए आई है क्योंकि वह इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष है। इसके बाद वह 11 बजे तक के लिए पुलिस स्टेशन में ही रही।

सहयात्री चाहती थी कि शाहिद उससे माफी मांगे और उसके पैर छुए। मैंने पुलिस से बात की और सौभाग्य से वे स्थिति को समझ गए। पुलिस ने उससे कहा कि वे शाहिद के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और महिला को वहां से चले जाने को कहा। इस बीच वे शाहिद को एक कमरे में ले गए और तभी मैंने किसी के पीटे जाने की आवाज सुनी।

मैं कांस्टेबल के पास दौड़ी गई और कहा कि शाहिद की कोई गलती नहीं है। मैंने वहां देखा कि कांस्टेबल बेल्ट से फर्श को पीट रहा था और शाहिद मुस्कुराते हुए शोर मचा रहा था। मुझे नहीं पता कि यह सही है या गलत। मगर, मैं खुश महसूस कर रही थी।

कांस्टेबन ने आकर मुझसे कहा कि शाहिद के साथ आने के लिए आपका शुक्रिया। यदि आप ऐसा नहीं करतीं, तो वह मुश्किल में फंस सकता था। मैंने घर पहुंचने के एक घंटे के बाद शाहिद को फोन किया। वह सुरक्षित था। मगर, इस घटना के बाद हिमानी जैन की लोग तारीफ कर रहे हैं।

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