बीबीसी पर क्यों भड़के केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘नोटबंदी’ के मामले पर बीबीसी हिंदी से ख़ास मुलाक़ात की, लेकिन कुछ सवालों को लेकर केजरीवाल काफ़ी नाराज़ हो गए.

इनके जवाब के तौर पर केजरीवाल ने कहा कि वे पीएम मोदी के इस फ़ैसले के ख़िलाफ हैं. इससे देश की जनता को तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं.

केजरीवाल ने कहा, “मुझे नरेंद्र मोदी और उनके फ़ैसले से सख़्त नफ़रत है. यह सरकार आम आदमी की जेब से करीब ग्यारह लाख़ करोड़ रुपये निकलवाकर, उन्हें बैंकों में जमा करवाना चाहती है. ताकि देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों का लोन माफ़ किया जा सके.”

आरोपों की इस कड़ी में केजरीवाल ने नोटबंदी को देश का अब तक का ‘सबसे बड़ा स्कैम’ करार देते हुए कई राजनेताओं और उद्योगपतियों पर भी गंभीर आरोप लगाए. सबूत के तौर पर केजरीवाल ने कुछ असत्यापित कागजात का हवाला दिया. साथ ही कहा कि मोदी सरकार के एक गलत फ़ैसले के चलते देश के 55 निर्दोष लोगों की मौत हुई है.

इन 55 लोगों की मौत नोटबंदी के चलते हुई, बीबीसी इस तथ्य की पुष्टि नहीं करता है. केजरीवाल इसी बात पर भड़क उठे. फ़ेसबुक लाइव में केजरीवाल ने बीबीसी की पत्रकारिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए.

इससे पहले इंटरव्यू में ये पूछने पर कि आजकल बटुए में कितने पैसे हैं, केजरीवाल ने कहा, ”अभी मेरी जेब में 250 रुपए हैं.” क्या 8 नवंबर के बाद इस मामले में कुछ चिंता रही है, इस पर उन्होंने कहा, ”घर में चिंता रहती है, क्योंकि मुझे मिनट दर मिनट पैसे की ज़रूरत नहीं पड़ती, लेकिन घर के लोग लाइन में लगकर पैसे निकालकर लाए हैं.”

कौन गया था पैसे निकालने, इसके जवाब में केजरीवाल ने बीबीसी से कहा, ”मेरे घर से मेरे परिवार के सदस्य गए थे. मैं उसे कोई मुद्दा नहीं बनाना चाहता. कुछ लोग अपनी मां को लगाकर और कुछ लोग ख़ुद…वो अहम नहीं है.”

उन्होंने कहा, ”महत्वपूर्ण ये है कि 500 और 1000 के नोट जब से बंद हुए हैं और देश भर में अफ़रा-तफ़री मच गई है. लोगों के बिज़नेस बंद हो गए हैं. मज़दूरी नहीं मिल रही है. किसान अपनी फ़सल नहीं बो पा रहा है. जिनके घर में शादी है, वो बेचारे 500 और 1000 के नोट लेकर घूम रहे हैं.”

 

 

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