बैंकिंग स्टॉक्स में सेलिंग से मार्केट पर बढ़ा प्रेशर

नई दिल्ली.बैंकिंग सेक्टर के लिए नोटबंदी के बाद बना पॉजिटिव सेंटीमेंट अब गायब होता दिख रहा है। हफ्ते के शुरुआती दो दिनों में बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली हावी है, जिस कारण स्टॉक्स मार्केट भी लगभग फ्लैट बंद हुए हैं। इसकी वजह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) का हाल का वह आदेश माना जा रहा है, जिसमें बैंकों से उनसे पास जमा अतिरिक्त डिपॉजिट्स को सीआरआर में जमा करने के लिए कहा गया था। हालांकि एक्सपर्ट बैंकिंग सेक्टर को लेकर बुलिश हैं और आगे तेजी की संभावनाएं जाहिर कर रहे हैं।
bse-new_1480436435नोटबंदी के बाद से बैंकिंग स्टॉक्स में थी तेजी
सरकार के नोटबंदी अभियान से बैंकिंग सेक्टर में के शेयरों में तेजी का माहौल बना था, क्योंकि इससे बैंकों के पास बहुत सा डिपॉजिट आ गया था और उनका कासा (करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट) बहुत अच्छा हो गया था। देश भर में पीएसयू बैंकों की पहुंच ज्यादा है, इसलिए इसका फायदा भी उन्हीं को ज्यादा हुआ। इसीलिए 8 नवंबर के बाद से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.4 फीसदी उछलकर 3208.65 प्वाइंट्स रुपए पर पहुंच गया। हालांकि बीते दो दिनों की बात करें तो पीएसयू बैंक इंडेक्स में लगभग 2.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
पीएसयू बैंकों पर बुलिश हैं एक्सपर्ट
कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर सुब्रमण्यम पशुपति ने कहा कि बीते दो दिनों के दौरान पीएसयू बैंकों के स्टॉक्स में बिकवाली महज कंसॉलिडेशन है। नोटबंदी के बाद पीएसयू बैंक स्टॉक्स में खासी तेजी आ चुकी है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से बैंकों को खासा डिपॉजिट मिला है, जिससे उन्हें अपनी कैपिटल संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बैंकों ने फाइनेंशियल ईयर के पहले और दूसरे क्वार्टर में प्रोविजंस बढ़ा दिए थे। आने वाले दोनों क्वार्टर में ऐसे इश्यूज में कमी आएगी।
पशुपति ने कहा कि अभी भी इन स्टॉक्स की वैल्युएशन ज्यादा नहीं है, इसलिए उनमें निवेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे बैंकों को बड़े बैंकों में मर्ज किया जा रहा है। छोटे बैंकों ने पहले ऊंची रेट पर लोन बांटे थे, इसलिए बड़े बैंकों को इसका फायदा मिलेगा और मर्ज होने के बाद उनके मार्जिन बढ़ जाएंगे। पशुपति की एसबीआई और बैंक ऑफ बडौदा पर निवेश की सलाह है, जिनमें धीरे-धीरे इन्वेस्ट किया जा सकता है।
1.एसबीआई
खंबाटा सिक्युरिटीज एसबीआई को लेकर बुलिश है। ब्रोकरेज हाउस ने इसके लिए लगभग 25 फीसदी रिटर्न के साथ 315 रुपए का टारगेट दिया है, जो लॉन्ग टर्म के लिए है। उसने कहा कि डिपॉजिट और एडवांसेज (लोन) दोनों में उसका मार्केट शेयर तेजी से बढ़ा है। डॉमेस्टिक डिपॉजिट्स में एसबीआई का मार्केट शेयर सालाना आधार पर 3.2 फीसदी बढ़कर 17.53 फीसदी हो गया है। रिटेल डिपॉजिट और एडवांस की बेहतर स्थिति से उसके डिपॉजिट्स और एडवांस ग्रोथ सुरक्षित हुई है।
2.बैंक ऑफ बड़ौदा
एक्सपर्ट बैंक ऑफ बड़ौदा में धीरे-धीरे इन्वेस्टमेंट की सलाह दे रहे हैं। सुब्रमण्यन पशुपति ने कहा कि लॉन्ग टर्म के लिए इस स्टॉक्स पर दांव लगाया जा सकता है। डिपॉजिट बढ़ने से बैंक को खासा फायदा मिल सकता है।
3.यस बैंक
आनंद राठी ने यस बैंक के लिए लॉन्ग टर्म में 1699 रुपए का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक बैंक की लोन ग्रोथ मजबूत है और कासा रेशियो भी सुधर रहा है। उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 17-19 के दौरान रिटर्न रेश्यो अच्छा रहेगा। ब्रोकरेज हाउस ने इस दौरान 25 फीसदी की सीएजीआर से लोन ग्रोथ का अनुमान जाहिर किया है।

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