भारत और म्यांमार ने किये तीन समझौते पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली। भारत और म्यांमार के बीच कृषि, बिजली और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए बुधवार को लंबी चौड़ी बातचीत हुई और तीन समझौतों पर दस्तखत किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के दौरे पर आईं म्यांमार की विदेश मंत्री ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया। मोदी ने सू की को विश्व का अहम नेता बताते हुए कहा कि अपने देश में लोकतंत्र लाने के लिए किए गए उनके संघर्ष और कामयाबी से पूरे विश्व को सीख मिली।

सू की ने इस मौके पर महात्मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू को याद करते हुए कहा कि म्यांमार के लोग आर्थिक और राजनीतिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उससे लाभान्वित होने की उम्मीद कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने भारत और म्यांमार के सुरक्षा हितों पर जोर दिया। मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में काम करने के लिए दोनों देशों के बीच ज्यादा करीबी सहयोग का आह्वान किया।

सू की तीन दिन की भारत यात्रा पर आई हैं और उन्होंने गोवा में ब्रिक्स-बिमस्टेक आउटरीच शिखर बैठक में हिस्सा लिया था। मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा घर आने जैसी है और वह भारत के लोगों के लिए अजनबी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने म्यांमार को एक अरब डॉलर की जो सहायता दी है, उसका मकसद म्यांमार का चहुंमुखी विकास करना है। भारत को म्यांमार के साथ कलादान परियोजना और तीनपक्षीय राजमार्ग समेत व्यापक साझेदारी की उम्मीद है।

सू की ने भारत और यहां के व्यापारिक समुदाय से कहा कि वे व्यापार और आर्थिक क्षेत्र के अलावा ‘विश्वास में भी निवेश’ करें। उन्होंने कहा कि म्यांमार गंवा दिए गए समय की भरपाई करने की कोशिश कर रहा है और भारत के अनुभव से उनके देश में नवस्थापित प्रगतिशील लोकतंत्र को बहुत मदद मिलेगी। हम वास्तविक संघीय राष्ट्र के रूप में विकसित होना चाहते हैं और इसके लिए भारत हमारा आदर्श है।

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