इस्लाम धर्म को मानने वाले केवल मुस्लिम हैं, भारत सरकार मुस्लिम वक्फ बोर्ड की स्थापना करें।

लखनऊ,23 जनवरी 2017.  मुस्लिम समाज की सम्पत्तियों की जिस प्रकार भू-माफिया लूट रहे हैं और मुस्लिम समाज की स्थिति भारत के दलित समाज से भी अधिक खराब हो चुकी है इस पर चिन्तन मनन करने के बाद सामाजिक व राजनैतिक संगठनों के बुद्धजीवियों और समाज सेवकों ने निर्णय लिया है कि मुस्लिम समाज व गरीब निर्धन की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक स्थिति सुधारने के लिये मुस्लिम वक्फ बोर्ड ऑफ भारत का गठन जरूरी है। इसी उद्देश्य से जनहित संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मुहम्मद फहीम सिद्दीकी के निवास स्थान, लालकुआं पर एक हंगामी बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता यूनुस सिद्दीकी और संचालन मौलाना फैसल ने की और उपस्थित गणमान्य लोगों में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के संयोजक मुहम्मद आफ़ाक, सहाबा एक्शन कमेटी के संयोजक अब्दुल वहीद सिद्दीकी, सुन्नी कालेज बचाओ समिति के अध्यक्ष जिया उल्लाह सिद्दीकी नदवी, नागरिक अधिकार परिषद के अध्यक्ष रफी अहमद, शराब बन्दी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तजा अली, खालिद इस्लाम, आर0बी0 लाल, कमरूद्दीन कमर, मूसा, हसन, शराब हटाओ परिवार बचाओ आन्दोलन के संयोजक मुहम्मद आफ़ाक, मुस्लिम समाज परिषद के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब, राष्ट्रीय मुस्लिम संघर्ष मोर्चा के हाजी अहमद हुसैन, मुस्लिम फोरम ऑफ इण्डिया के प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 आफताब अहमद, गांधीवादी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुहम्मद समी एडवोकेट, इण्डियन नेशनल  लीग के प्रवक्ता सैय्यद अली मुशीर जैदी, मुस्लिम फोरम के प्रदेश सचिव डॉ0 शकील, पायल फाउण्डेशन की अध्यक्ष पायल सिंह, ओपेन्द्र सिंह, मोहिनी सिंह, कमर सीतापुरी, डॉ0 शकील, हाफि़ज अतहर साहब, हाफिज़ शुऐब, मुहम्मद हुसैन उर्फ कल्लू भाई, शिवम कुमार वैश्य, मुहम्मद दानिश, शहजादे मुन्ना भाई सलीम, मुहम्मद आफ़ाक इत्यादि उपस्थित रहे।
हाजी मुहम्मद फहीम सिद्दीकी ने बताया कि इस्लाम धर्म के मानने वाले केवल मुस्लिम हैं, कुरआन और हदीस भी इसके साक्षी है, बल्कि कुरआन के अनुसार आपस में भेदभाव करने वालों को दर्दनाक आज़ाब (कष्टदायक दण्ड) मिलेगा। मुस्लिम समाज की वक्फ की सम्पत्ति का बंटवारा शिया, सुन्नी, वहाबी, अहले हदीस के मानने वालों की बिना पर नहीं यिका जा सकता इसलिए हमारी भारत सरकार मुस्लिम वक्फ बोर्ड की स्थापना करे। मुहम्मद आफ़ाक ने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि शिया, सुन्नी वक्फ बोर्ड समाप्त करके मुस्लिम समाज की सम्पत्ति की बंदरबांट रोकी जाए, यदि वक्फ की सम्पत्ति का सही उपयोग किया जाये तो मुस्लिम समाज के हर व्यक्ति को एक-एक मकान उपलब्ध हो जायेगा। अतः इसलिये भी जरूरी है कि भारत सरकार मुस्लिम वक्फ बोर्ड की स्थापना करें। मुहम्मद आफ़ाक ने बताया कि मुस्लिम वक्फ बोर्ड ऑफ भारत का गठन हो चुका है और पदाधिकारियों की घोषणा प्रेसवार्ता के माध्यम से शीघ्र ही यू0पी0 प्रेस क्लब लखनऊ में की जायेगी।

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