लखनऊ] मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तमाम कयासों को दरकिनार कर लखनऊ में नोट बंदी के खिलाफ ममता बनर्जी के प्रदर्शन से किनारा कर लिया है।
लखनऊ के 1090 चौराहा गोमतीनगर में होने जा रहे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन में माना जा रहा था कि अखिलेश यादव भी शामिल होंगे।
अचानक ही 1090 चौराहा की सुरक्षा बेहद कड़ी होने के बाद से यह तय माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी ममता बनर्जी के इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जगह पर कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह ‘गोप’ शामिल थे। उनके साथ पार्टी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी, पार्टी के उपाधयक्ष तथा राजयसभा सांसद किरनमय नंदा भी थे। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में 1090 चौराहा पर एकत्र थे। जब उनको पता चला कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हो रहे है तो वह लोग धीरे-धीरे वहां से दूसरी जगह पर खिसकने लगे।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कल ही शाम को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अमौसी पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जोरदार स्वागत किया था। उनके साथ कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी भी एयरपोर्ट पर थे।
कार्यकर्ताओं में बैठने को लेकर भिड़ंत
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1090 चौराहे पर नोटबंदी के विरोध में कार्यकर्ताओं और जनता के साथ केंद्र सरकार पर पर हमला बोला। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उनके प्रदर्शन के दौरान बैठने को लेकर कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हो गई। यहां पर कार्यकर्ताओं में मारपीट से भगदड़ मच गई और लोग भागने लगे। मौके पर मौजूद भारी संख्या में पुलिस बल ने स्थिति को काबू में किया।