बंदिशों की बेडि़यों को तोड़ महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने रचा अनोखा रिकार्ड!

अल्मोड़ा की छह गांव की महिलाओं ने अनोखा रिकार्ड बनाया है। गांव के लोगों का भी इसमें काफी सहयोग है। इन गांवों में ग्राम प्रधान से लेकर वार्ड मेंबर की कमान महिलाओं के हाथ में है। दिलचस्प बात यह है कि पंचायत प्रनिधियों ने गांव में कई ऐसे काम कराए हैं। इनसे उनको अलग पहचान भी मिल रही है।

दरअसल पहाड़ में महिलाओं को सिर्फ घर का कामकाज कराया जाता है। 21 वीं सदी में भी महिलाएं अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं कर पाती हैं, लेकिन सोमेश्वर क्षेत्र की छह गांवों की महिलाओं ने बंदिशों की बेडि़यों को तोड़ डाला है। यहीं नहीं उन्होंने अपने गांव में पहले पंचायत चुनाव में जीत दर्ज की। इसके बाद उप प्रधान एवं वार्ड मेंबर भी महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाई।

इन गांवों की कमान महिलाओं के हाथ में

उतरौड़ा, बले, मालोज, चनौली, नैकाना, बडगांव

ये काम कराकर बनाई पहचान

गांव में शराब बंदी के लिए अभियान चलाया

पेयजल की व्यवस्था कराई

सिंचाई के लिए नहर का निर्माण करवाया

लड़कियों को स्कूल भेजने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाये

महिलाओं को भी शिक्षित किया

पुरूषों को भी अपने साथ लेकर काम किया।

इंटर पास है चनौली की ग्राम प्रधान

छह गांवों में करीब 49 पंचायत प्रनिधियों में चलौनी गांव की ग्राम प्रधान भगवती इंटर पास है। इसके अलावा अन्य ग्राम प्रधान हाईस्कूल एवं आठवी पास हैं।

क्षेत्र के छह गांवों में महिला जन प्रतिनिधि हैं। उन सबने एक ग्रुप बनाया है। किसी भी प्रकार कि दिक्कत होने पर वह आपस में बातचीत करते हैं।

लीला भंडारी, ग्राम प्रधान

 

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