बिहार: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मानव कंकाल का अवैध व्यापार का खुलासा

बिहार- के मुजफ्फरपुर जिला स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अज्ञात लोगों के बिना अंतिम संस्कार किए गए शवों के कंकाल का अवैध व्यापार का खुलासा एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में किया गया है.                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                 58_big
एसकेएमसीएच में अज्ञात लोगों के बिना अंतिम संस्कार किए गए शवों के कंकाल का अवैध व्यापार पर अस्पताल प्रबंधन ने कुछ बोलने से इंकार किया पर मीडिया में इसका भंडाफोड़ होने पर मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन ललित सिंह ने इसे संगीन मामला बताते हुए कहा कि इसकी जांच होगी.
मीडिया स्टिंग आपरेशन में दिखाया गया है कि शवगृह में काम करने वाले निजी सफाई कर्मचारी प्रत्येक मानव कंकाल को अवैध रूप से 8000 रूपये में बेच देते हैं.
वैसे अज्ञात शव जिनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया उनके शरीर से मांस पेशियां और चमडा हटाकर उन्हें अवैध व्यापार के लिए संरक्षित रखा जाता था. इस खुलासे के बाद सफाई कर्मचारी जमींदोज हो गए हैं.

इस स्टिंग आपरेशन में शामिल सदस्यों ने मानव कंकाल का अवैध व्यापार करने वाले ऐसे एक व्यक्ति से कल संपर्क साधा और काफी मोल-जोल के बाद तीन कंकाल 20 हजार रूपये में उपलब्ध कराने का सौदा तय हुआ.
इस सौदे की अग्रिम राशि प्राप्त करने के बाद एक कंकाल जिसे अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम के सामने एक शौचालय की छत पर रखा गया था, उन्हें दिखाया गया.
जिन लोगों ने यह सौदा किया था उन्होंने कंकाल उस समय नहीं लिए और यह कहते हुए वे बाकी रकम के साथ बाद में आएंगे जिसके बाद उन्हें कई फोन कॉल आए कि वे बाकी 19,500 राशि देकर तीनों कंकाल को ले जाएं.
एसकेएमसीएच में अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के लिए एक कमेटी गठित है पर स्टिंग आपरेशन में दिखाया गया है कि रजिस्टर पर ऐसे शवों का अंतिम संस्कार को गलत तरीके से दर्शाया गया है. प्रावधान के अनुसार अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के समय एक पुलिसकर्मी की उपस्थिति अनिवार्य है.

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