मंगलवार सुबह यूपी के पूर्व सीएम रामनरेश यादव का निधन

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता रामनरेश यादव का मंगलवार सुबह लखनऊ स्थित पीजीआई में निधन हो गया. वे 89 साल के थे.
सांस लेने में तकलीफ की वजह से उन्हें पीजीआई में एडमिट कराया गया था. उनके निधन की खबर के बाद मध्‍य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी शोक व्यक्त किया है.यादव का जन्म जुलाई 1928 में यूपी के आजमगढ़ में हुआ था. रामनरेश पहली बार चौधरी चरण सिंह की मदद से 1977 में जनता पार्टी के सीएम बने थे.
अपने राजनीतिक जीवनकाल में वे कई अहम् पदों पर रहे. हालांकि मध्यप्रदेश के गवर्नर रहते उनका नाम व्यापमं घोटाले से जुड़ा, इसके बाद उन्हें गवर्नर पद से हटाने की मांग उठी थी.                                                                                                                                                                                                           ram-naresh-yadav
ऐसा माना जा रहा है कि अब उनके निधन के बाद इस घोटाले से जुड़ीं कई राज भी दफ़न हो गए.
बीते साल व्यापमं घोटाले में आरोपी रामनरेश के बेटे शैलेष (52) की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम करने वाली टीम ने उनकी मौत का कारण जहर बताया था.
शुरूआती जीवन से ही समाजवादी आन्दोलन से जुड़े रहे
रामनरेश यादव शुरूआती जीवन से ही समाजवादी आन्दोलन से जुड़े रहे. दरअसल इन्हें राजनीति विरासत में मिली थी. उनके पिता गया प्रसाद महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. राममनोहर लोहिया के साथ जुड़े थे.

इमरजेंसी के दौरान वे मीसा और डीआईआर के अधीन जून 1975 से फरवरी 1977 तक आजमगढ़ जेल और केंद्रीय कारागार नैनी, इलाहाबाद में बंद रहे.
रामनरेश 1988 में राज्यसभा सदस्य बने और 12 अप्रैल 1989 को राज्यसभा के अंदर डिप्टी लीडरशिप, पार्टी के महामंत्री और अन्य पदों से त्यागपत्र देकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की सदस्यता ली.

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