झारखंड: ट्रक के टायरों में लगाई आग, सात आरोपी गिरफ्तार

झारखंड- में भूमि अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर सियासी तकरार बढ़ता ही जा रहा है. विधानसभा में दो भूमि अधिनियमों में संशोधन कराने में भाजपा सरकार के सफल होने के बाद विपक्ष के झारखंड बंद का जबर्दस्त असर देखने को मिला है.
दुमका में ट्रक के टायरों में आग लगा दी गई. पाकुड़ में विपक्ष ने जुलुस निकल कर बाजार बंद करा दिया. पोटका थाना क्षेत्र के धामधूम में आगजनी के आरोप में सात लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. जमशेदपुर में 27 समर्थकों बंद को किया गया है.
इस बंद में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी), कांग्रेस, जनता दल युनाइटेड (जद-यू) और वाम दल शामिल है.

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इससे पहले रघुवर दास के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार सदन में चर्चा के बिना ही संशोधन पारित करने में सफल रही. भूमि और राजस्व मंत्री अमर बावरी ने बुधवार दोपहर को विपक्ष के हंगामे के बीच संशोधन विधेयक पेश किया.
संशोधन के खिलाफ विपक्ष की नारेबाजी के बीच छोटा नागपुर टेनेंसी (सीएनटी) अधिनियम और संथाल परगना टेनेंसी (एसपीटी) अधिनियम समेत आठ विधेयक पेश किए गए थे. आठों विधेयक चर्चा के बिना ही कुछ ही मिनटों में ध्वनिमत से पारित कर दिए गए. रघुवर दास का कहना है कि संशोधन के लाभ आने वाले सालों में नजर आएंगे.
संशोधन के बाद कृषि भूमि को गैर कृषि कार्यो के लिए प्रयोग किया जा सकेगा. राज्य सरकार भूमि को बुनि
यादी ढांचे, ऊर्जा क्षेत्र, सड़कों, नहरों, पंचायत भवनों और अन्य कार्यो के लिए अधिगृहित कर सकती है.
पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम नेता हेमंत सोरेन ने संशोधन की आलोचना करते हुए कहा, “संशोधन आदिवासी और मूल निवासियों के लिए मौत की सूचना के समान है. लोग उन्हें (भाजपा को) सबक सिखाएंगे.”
पूर्व मुख्यमंत्री और जेवीएम-पी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “राज्य सरकार को आदिवासी और स्थानीय लोगों के कल्याण से कोई लेना देना नहीं है. उद्यमियों के लिए आदिवासियों की भूमि अधिगृहित करने के लिए यह संशोधन किए गए हैं.”

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