स्वामी आत्मबोधानंद ने शुरू की भूख हड़ताल अवैध खनन के खिलाफ

हरिद्वार में गंगा व सहायक नदियों में अवैध खनन का आरोप लगाते हुए मातृ सदन ने एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया। इसके खिलाफ मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिनावंद सरस्वती के शिष्य स्वामी आत्मबोधानंद ने तप शुरू कर दिया। इसके तहत वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। सिर्फ नींबू पानी व शहद का ही सेवन करेंगे।
हरिद्वार में मातृ सदन ने एक बार फिर अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व धोषित धोषणा के अनुसार शनिवार से स्वामी आत्मबोधनंद ने गंगा में अवेध खनन पर बंदी सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन रुपी तप आश्रम परिसर में शुरू किया कर दिया है।

अवैध खनन के खिलाफ मातृ सदन समय-समय पर आवाज उठाता रहा है। स्वामी शिवानंद और आत्मबोधानंद दोनों ही कई बार भूख हड़ताल कर चुके हैं। वहीं प्रशासन ने हरिद्वार क्षेत्र में खनन प्रतिबंधित किया हुआ है। वहीं, मातृ सदन का आरोप है कि प्रतिबंध सिर्फ कागजों में है। चोरी छिपे खनन किया जा रहा है।

गंगा से खनन बंद करने, ईमानदार अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराने, स्टोन क्रशरों के खिलाफ जांच, हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप स्टोन क्रशर को गंगा से पांच किलोमीटर दूर करने, माइनिंग के पट्टे में ही रखने, हरिद्वार में आने वाले वीवीआईपी के लिए प्रोटोकाल की व्यवस्था करने की मांग को लेकर मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने तपस्या शुरू करने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के अनुरूप स्वामी शिवानंद के शिष्य आतम्बोधानंद ने तप शुरू किया है।

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