सड़क किनारे दाह संस्कार करने को मजबूर

इंदौर. मध्यप्रदेश के नीमच जिला अस्पताल में मंगलवार शाम भील समाज की एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार सुबह घर वालों ने बॉडी ले जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा गांव में भील समाज का मुक्तिधाम नहीं है, सार्वजनिक मुक्तिधाम पर कई दबंग लोग अंतिम संस्कार नहीं करने देते। जब तक कोई व्यवस्था नहीं होगी तब तक बॉडी नहीं ले जाएंगे।
पुलिस की मौजूदगी में सड़क किनारे अंतिम संस्कार…
– यह मामला एडमिनिस्ट्रेशन के पास पहुंचा तो पुलिस की मौजूदगी में सरकारी जमीन पर सड़क किनारे अंतिम संस्कार कराया गया। बता दें कि मंगलवार की सुबह कानाखेड़ा निवासी 46 वर्षीय रत्नीबाई पति बंशीलाल भील को हार्टअटैक आया।
– घरवाले जिला अस्पताल आए जहां इलाज के दौरान शाम को 7 बजे मौत हो गई। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए परिवार के लोगों को कहा तो उन्होंने मना कर दिया।
– अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए घरवाले एसपी मनोज सिंह ने मिले। उन्होंने घरवालों को बॉडी गांव में ले जाने तथा पुलिस व्यवस्था करने का भरोसा दिया।
– गांव में पटवारी कन्हैयालाल जाट ने पुलिस की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर महिला का अंतिम संस्कार कराया।
– बंटी भील ने बताया कि गांव में बच्चों के बॉडी दफनाने के लिए भी जगह नहीं है। तालाब, सड़क किनारे या फिर किसी खेत के पास शव दफनाना पड़ता है।
– पांच महीने पहले हरजी के परिवार में 7 दिन के बच्चे की मौत हो गई थी। गांव में शव को दफनाने ले गए तो कुछ लोगों ने रोक दिया। तालाब के पास सड़क किनारे शव को दफनाया था।
मुक्तिधाम के लिए जमीन देंगे:
-सरपंच रेखा नागदा ने बताया कि भील समाज को अंतिम संस्कार के लिए किसी ने नहीं रोका था। पुलिस की उपस्थिति में सरकारी जमीन अंतिम संस्कार किया है।
– यह जमीन भील समाज को मुक्तिधाम के लिए दी जाना प्रस्तावित है। प्रक्रिया पूरी होने पर पंचायत मुक्तिधाम में टीनशेड लगाने का प्रस्ताव पारित करेगी।

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