हत्या कर भाग रहे शख्स की सड़क हादसे में मौत

पुणे/औरंगाबाद
अपनी पूर्व पत्नी की हत्या कर भाग रहे पुणे के एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर की शनिवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना हत्या के कुछ ही घंटों बाद हुई। औरंगाबाद पुलिस के मुताबिक, मनोज मधुकर गरुले नाम के इस शख्स ने औरंगाबाद में अपनी 8 साल की बेटी के सामने पूर्व पत्नी अश्विनी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी और अपनी कार से फरार हो गया था।

मनोज अपनी कार से नासिक की तरफ भाग रहा था। कार की स्पीड बहुत ज्यादा थी, एक जगह कार मोड़ते समय उसने नियंत्रण खो दिया और कार पलट गई। वह कार के बाहर जा गिरा। बुरी तरह घायल मनोज को पुलिस सरकारी अस्तपाल ले गई जहां उसने दम तोड़ दिया। जल्द ही पता चल गया कि यह वही व्यक्ति है जिसकी पुलिस तलाश कर रही थी। उसकी कार से एक खून लगा एक चाकू भी बरामद हुआ है।

औरंगाबाद पुलिस को शक है कि पूर्व पत्नी को गुजारा भत्ता देने से जुड़ी कोई बात, हत्या की वजह हो सकती है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘मनोज और अश्विनी की शादी 2006 में हुई थी, पर मनोज ने बार बार दहेज मांगना शुरू कर दिया। अश्विनी के पिता विष्णु शिंदे ने उसे फ्लैट खरीदने के लिए 1.50 लाख रुपये दिए भी, पर उसकी मांग बढ़ती चली गई।’

  • शिंदे ने अपनी शिकायत में बताया, ‘वह लगातार दहेज की मांग पूरी नहीं कर पा रहे थे, मनोज ने उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। तंग आकर अश्विनी अपनी बेटी के साथ मेरे घर औरंगाबाद आ गई। इसके बाद हम ने मनोज के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज कराया और तलाक के लिए भी अर्जी दी। 2012 में औरंगाबाद की अदालत ने अश्विनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मनोज को आदेश दिया कि वह हर महीने 20,000 रुपये गुजारा भत्ता के रूप में अश्विनी को दे। हालांकि मनोज ने कुछ दिन पैसे देने के बाद, पैसे देना बंद कर दिया।’

पुलिस ने बताया कि मनोज पुणे में एक बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम कर रहा था और उसकी सेलरी 1.50 लाख रुपये थी। तलाक के बाद उसने एक विधवा से शादी की थी और वे दोनों पुणे में ही साथ रह रहे थे। मनोज के भाई अमोल की भी 2010 में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी।

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