4 राज्यों में स्क्रीनिंग करने से थिएटर मालिकों का इनकार, ‘ऐ दिल है मुश्किल’

मुंबई.  करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की 4 राज्यों में स्क्रीनिंग करने से थिएटर मालिकों ने इनकार कर दिया है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और गुजरात के थिएटर मालिकों ने कहा है कि फिल्म को पाकिस्तानी कलाकारों के बिना रिलीज किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो वे फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करेंगे। बता दें कि फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होनी है।
देश में पाक कलाकारों के खिलाफ भावनाओं के देखते हुए लिया फैसला… 
– द सिनेमा ओनर्स एग्जीबिटर्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को कहा- “पाकिस्तानी कलाकारों के साथ यह मूवी थिएटरों में स्क्रीनिंग नहीं की जाएगी। देश में पाक कलाकारों के खिलाफ भावनाओं को देखते हुए एसोसिएशंस ने यह फैसला किया है।”
– “हमने हमारे मेंबर्स ने कहा है कि वे पाकिस्तानी कलाकारों वली किसी भी मूवी को थिएटरों में स्क्रीनिंग नहीं करें।”
– बता दें कि इस एसोसिएशन्स से गुजरात, गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के सिनेमा मालिक जुड़े हैं।
ऐ दिल मुश्किल.. क्यों विवाद में है?
– इस मूवी में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान और इमरान अब्बास ने काम किया है।
– फवाद खान की यह पहली बॉलीवुड मूवी है।
एमएनएस ने फैसले का स्वागत किया
– एमएनएस नेता अमय खोपकर ने कहा, ‘मैं इस तरह का फैसला लेने के लिए सिनेमा ओनर्स एसोसिएशन को बधाई देता हूं। किसी भी फिल्म में पाक कलाकार हुए तो हम उसे रिलीज नहीं होने देंगे।’
– ‘महेश भट्ट मूर्ख आदमी हैं। मुझे लगता है कि वह भारतीय ही नहीं हैं। उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। वो क्या कहते हैं, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।’
कैसे शुरू हुआ मामला?
– पिछले महीने उड़ी आतंकी हमले में 19 सैनिकों के शहीद होने के बाद महाराष्ट्र नव निर्माण सेना यानी एमएनएस ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को बैन किए जाने की मांग की।
– मनसे ने इन कलाकारों को धमकी दी कि वे भारत छोड़ दें। कई कलाकारों और ऑर्गनाइजेशंस ने मनसे की मांग का समर्थन किया।
– इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर एसोसिएशन यानी IMPPA ने भी पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन का फैसला किया। हालांकि, सलमान खान और श्याम बेनेगल जैसी हस्तियों ने बैन को एक तरह से गलत बताया।
पाकिस्तानी कलाकारों पर बॉलीवुड में किसने क्या कहा?
– सलमान खान ने एक बयान में कहा था- “इन्हें सरकार ने ही परमिट और वीजा जारी किए हैं। ये लोग तो कलाकार हैं, कोई टेररिस्ट्स नहीं।”
– वहीं, जूही चावला ने कहा था- “यह सब जो हो रहा है, उससे लगता है कि हमारी बुद्धि भ्रष्ट हो रही है। हम प्रॉब्लम्स को जड़ से मिटाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हमें लोगों के सोचने का तरीका बदलना होगा।”
– सैफ अली खान ने कहा था- “यह दुनिया फिल्म इंडस्ट्री के लिए खुली हुई है और हमारी फिल्म इंडस्ट्री टैलेंट्स की कद्र करती है, चाहे वह सीमा पार की ही क्यों ना हो।”
– सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी ने फिल्म प्रोड्यूसर के इस फैसले को गैर जरूरी बताया है। निहलानी ने कहा कि ये लोग कौन हैं जो बैन लगाने की मांग कर रहे हैं? किसकी आज्ञा से ये लोग ऐसा कर रहे हैं?

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