BJP को रोकने के लिए यूपी में महागठबंधन

लखनऊ. कांग्रेस स्‍ट्रैटजिस्‍ट प्रशांत किशोर और मुलायम सिंह यादव की मुलाकात के बाद यूपी में महागठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। 2017 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस, सपा, आरएलडी और जदयू साथ आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी भी अखिलेश यादव का नाम आगे बढ़ाने पर सहमत हैं। इस बीच, मुलायम सपा के 25 साल पूरे होनेे के मौके पर लखनऊ में रजंत जयंती प्रोग्राम के बहाने सबको एक मंच पर लाने की कोशिश में हैं। हालांकि, बिहार के सीएम नीतीश कुमार प्रोग्राम में नहीं आएंगे। बता दें कि बिहार चुनाव के ऐन वक्त पहले मुलायम ने नीतीश की अगुआई वाले महागठबंधन का हाथ छोड़ दिया था।
मुलायम-प्रशांत की मीटिंग में क्‍या हुआ…?
– सूत्रों के मुताबिक, मुलायम सिंह के साथ प्रशांत किशोर की 3 घंटे तक चली मीटिंग में गठबंधन के स्वरूप पर चर्चा हुई।
– मुलायम ने प्रशांत को खनऊ में 5 नवंबर को होने वाले रजत जयंती समारोह के बाद बात आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।
– कहा जा रहा है कि यूपी में बीजेपी को रोकने के लिए सपा और कांग्रेस का गठबंधन हो सकता है।
– वहीं, मंगलवार को ही दिल्ली में बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद थे और उन्होंने शरद यादव और केसी त्यागी से पार्टी की स्‍ट्रैटजी पर चर्चा की।
अमर सिंह चुनाव में प्‍ले कर सकते हैं बड़ा रोल
– बीते 28 अक्‍टूबर को शिवपाल यादव ने दिल्‍ली में अजित सिंह और प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी।
– इसमें शिवपाल ने महागठबंधन बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इस मुद्दे पर मुलायम की चुप्पी के कारण बाकी नेताओं ने संशय जाहिर करते हुए महागठबंधन की पहल में जल्दी नहीं दिखाने के संकेत दिए।
– सूत्रों के मुताबिक, इसी के बाद मंगलवार को मुलायम ने प्रशांत किशोर को मिलने के लिए बुलाया।
– मीटिंग से ठीक पहले मुलायम सिंह ने अमर सिंह से भी मुलाकात की। कहा जा रहा है कि मुलायम और प्रशांत की मुलाकात के पीछे भी अमर सिंह ही हैं।
– अमर सिंह के मीटिंग में मौजूद होने से इस बात के भी कयास लगाए जाने लगे हैं कि वे आगामी चुनाव में बड़ा रोल प्‍ले कर सकते हैं।
– सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने भी इस बात पर सहमति जताई है कि बीजेपी को रोकने के लिए सपा सबसे सही ऑप्‍शन है।
– मौजूदा समीकरणों को देखें तो कांग्रेस की सहमति पर प्रशांत किशोर आगामी यूपी चुनावों में सपा के लिए काम करेंगे।
– मुलायम के भाई शिवपाल ने अजित सिंह से मुलाकात की थी। बाद में शिवपाल ने कहा था, “हम अजित जी को 5 नंवबर को होने वाले रजत जयंती समारोह का निमंत्रण देने आए थे।”
शिवपाल ने कहा था- बीजेपी को यूपी में आने नहीं देंगे…
– शिवपाल ने कहा था, “हम लोहियावादी और चरणसिंहवादियों को एक साथ करने की कोशिशें कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि ये साथ हों।”
– “हम बीजेपी को यूपी में पैर जमाने नहीं देना चाहते।”
– इस बीच नीतीश कुमार ने कहा था, “पहले एक दल बनाने की दिशा में कदम उठाया था। लेकिन तब बात आगे नहीं बढ़ी। उसी वक्त खत्म हो गई।”
– “इसका मतलब ये नहीं है कि फिर संभावनाओं को नहीं तलाशना चाहिए। आज जो विपक्ष है, उसे देखते हुए जितना संभव हो, एकजुट होना चाहिए। अभी तक इसको लेकर मेरे पास कोई आमंत्रण नहीं आया है।”
अजित सिंह ने क्‍या कहा था?
– “शिवपाल जी ने हमें रजत जयंती समारोह के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें हम शरीक होंगे।”
– वहीं, महागठबंधन के सवाल पर उन्‍होंने कहा, “5 नवंबर को होने वाले प्रोग्राम के बारे में हमारी बात हुई है। हमारे राजनीतिक और पारिवारिक संबंध हैं। कई मुद्दों पर बातचीत हुई है।”

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