नवरात्रि व्रत में पूरे दिन फल खाना कितना सही और कितना गलत , जानियें पूरी खबर

लाइफस्टाइल डेस्क | फलों के सेवन से मेटाबॉलिक प्रभाव से कोलेस्ट्रॉल की कमी होती है। एक साथ रखे गए सभी लाभ वजन घटाने से शुरू होने वाले लाभों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं, जो दिल संबंधी रोग के जोखिमों को रोकते हैं और एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाते हैं।अगर व्रत में अचानक चक्कर आने लगते हैं तो आपको डिहाइड्रेशन की समस्या है। मतलब की कुछ-कुछ समय में आपके शरीर में कोई खाने की चीज़ नहीं जाती है तो आपके शरीर में कमजोरी आने लगती है। ऐसे में हर 3-4 घंटे में मिले-जुले फल खाएं। लंबे समय तक भूखे रहने से बचें।

सेब और केला खाने की जगह संतरा और मौसम फल अधिक खाएं। इनमें फाइबर्स ज्यादा मात्रा में होते हैं, जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है और बॉडी में प्रचुर मात्रा में पानी भी मिल जाता है। व्रत में केले खाने की वजह दिन में लस्सी पीये | तो ससे बॉडी में डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होगी और चक्कर भी नहीं आएंगे। साथ ही, आपको भूख भी नहीं लगेगी। अगर जूस पीना पसंद है तो पैक्‍ड जूस पीने के बजाय ताज़ा फलों का जूस या स्मूदी पीएं। इसी तरह रात में मौसमी सब्जियां खाएं। टमाटर फल की श्रेणी में आता है। इसे भी अपनी डाइट का हिस्सा बना लें। यह आपके लिए सेहतमंद रहेगा।

फल खाना हानिकारक भी हो सकता है। इसके ज्यादा सेवन से मैक्रो-न्यूट्रिएंट प्रोटीन की कमी हो सकती है। फलों में चीनी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा होती है। बहुत ज्यादा फलों का मतलब बहुत ज्यादा कार्ब्स और फ्रक्टोज़ का लेना। वैसे इस तथ्य पर विवाद और अध्ययन जारी है कि फल एक स्वस्थ भोजन है भी कि नहीं। अगर आपको डायबिटीज की समस्या है तो फलों पर ही उपवास सीमित न रखें। यह |

 

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