हाथरस से सीखा सबक, ऐसे हुआ चित्रकूट सामूहिक दुष्‍कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार

चित्रकूट। हाथरस कांड की पीड़िता के अंतिम संस्‍कार को लेकर चारों ओर से आलोचना झेलनी वाली यूपी पुलिस ने आज चित्रकूट पीड़िता का अंतिम संस्‍कार पूरी रीति-रिवाज से कराया। चित्रकूट जिले में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की खुदकुशी के मामले में आज आइजी के सत्यनारायण ने लापरवाही मानते हुए सदर कोतवाल जयशंकर सिंह और सरैया चौकी प्रभारी अनिल साहू को निलंबित कर दिया है।

यह भी पढ़ें: इस राजनीतिक दिग्‍गज की बेटी कांग्रेस में शामिल, बिहार चुनाव में टिकट पक्का!

वहीं, परिजनों ने किशोरी का अंतिम संस्कार करने से मना किया। मौके पर डीएम, एसडीएम समेत भारी पुलिस बल पहुंचा। परिजनों ने मुआवजा, एक नौकरी, सुरक्षा व आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मौके पर राजनीति दल के नेता भी मौजूद हैं।

अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। भारी सुरक्षाबल और परिजनों की मौजूदगी में किशोरी के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। किशोरी के आत्महत्या करने और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चित्रकूट धाम मंडल के कमिश्नर गौरव दयाल और आईजी के सत्यनारायण ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री योगी ने किया ट्वीट

मुख्‍यमंत्री ने चित्रकूट की घटनाओं का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में महिलाओं एवं नाबालिग बच्चों से सम्बन्धित अपराधों में तत्काल प्रभावी व कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस प्रकार के आपराधिक मामलों में वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौका मुआयना करें, जांच संबंधी कार्रवाइयां समय से पूरी करें व पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराएं। महिला सम्बंधी अपराधों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में एवं नाबालिग बच्चों के साथ हुए अपराधों को पॉक्सो कोर्ट में अभियोजित कराया जाए।

 

Check Also

बढ़ती ठंड के कारण बढ़ाई गई स्कूलों की छुट्टी

बढ़ती ठंड के कारण देश भर के विभिन्न हिस्सों में कल यानी 15 जनवरी तक …