एक के बाद एक भ्रष्टाचारी ED के गिरफ्त में

उत्तर प्रदेश शासन भ्रष्टाचार के खिलाफ जहा एक तरफ सक्त दिख रहा है तो वही केंद्र सरकार भी भ्रताचारियो के खिलाफ सक्त दिख रही है इसी भारष्टाचार को कंट्रोल करने के लिए ED ने अपना अहम कदम आगे बढ़ाया है।छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय पाठक और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ( ED) भी सक्रिय हो गई है। ईडी की टीम ने इस मामले में लखनऊ के इंदिरानगर थाने में दर्ज एफआईआर की कॉपी मांगी है। वहीं, एसटीएफ ने अब एकेटीयू के साथ डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय-आगरा और छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में नियुक्तियों की जांच भी शुरू कर दी है। एसटीएफ के रडार पर वे नियुक्तियां हैं जो इन विवि में विनय पाठक के कुलपति रहने के दौरान हुई थीं। एसटीएफ को यहां नियुक्तियों के दौरान धांधली की शिकायतें मिली हैं। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ मुख्यालय से दो टीमों को इन दोनों विश्वविद्यालयों में छानबीन और नियुक्तियों संबंधी दस्तावेज जुटाने के लिए भेजा जा चुका है। आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति और अधिकारियों ने एसटीएफ द्वारा पूछे गए सवालों पर अपनी रिपोर्ट दे दी है। कानपुर विश्वविद्यालय में भी एसटीएफ ने दस्तावेज जुटाने शुरू कर दिए हैं। एसटीएफ अब तक एकेटीयू में ही नियुक्तियों की पड़ताल कर रही थी। बता दें कि पाठक पर नियमों को दरकिनार कर नियुक्तियां करने का भी आरोप है

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