कपड़ा व्यापारियों ने किया जीएसटी का विरोध जानिये पूरा माजरा

 

मैनपुरी (आरएनएस)  जीएसटी की चपेट में आने के बाद नगर का कपड़ा बाजार बंद रहा। कपड़े की दुकानें न खुलने से दर्जी भी अपनी दुकानों पर मषीनें खोले बैठे रहे। वहीं जीएसटी लगने से बाजार में एकत्रित चीनी वस्तुएं भी बिक्री के लिए प्रभावित होती दिख रही है। वहीं घरेलू बाजार में भी चिंता के बादल मंडरा रहे है।
कपड़े पर जीएसटी लगाए जाने के विरोध में मंगलवार को कपडा़ कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और एक स्थान पर धरना प्रदर्षन किया। मैनपुरी कपड़ा एसोसिएषन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि पूजा से लेकर कफन तक में कपड़ा काम आता है। ऐसे में सरकार को चाहिए था कि कम से कम कपड़े को तो जीएसटी से दूर रखें। स्वतंत्र भारत में कपडा़ मनुष्य की महत्वपूर्ण आवष्यकता होने के कारण हमेषा से हर प्रकार के कर से मुक्त रहा है। इसलिए कपड़े पर जीएसटी का लगना किसी प्रकार तर्क संगत नहंी है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण भारत का कपड़ा बाजार 20 दिनों से अनिष्चित काल के लिए बंद चल रहा है। मैनपुरी कपड़ा एसोसिएषन भी जीएसटी का विरोध करते हुए 11 व 12 जुलाई को अपनी दुकानें पूर्ण रूप से बंद रखकर कपड़े पर लगे जीएसटी को तत्काल प्रभाव से मुक्त किए जाने की मंाग कर रहे थे। एसोसिएषन के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्षन किया। इस मौके पर कपड़ा व्यापारी सुभांत जैन, नीलेष जैन, सौरभ मल्होत्रा, शाहबुददीन, अनिल कुमार, विजय नारायन, अभिनव, अषोक राजपूत, भीम कालरा, अषोक, मोहम्मद लईक, गोपाल

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