भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अभी भी सुर्खियों में है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ट्विशा के शव का पोस्टमार्टम फिर से किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि समर्थ सिंह को बचाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और कई सवाल उठ रहे हैं। ट्विशा की मौत कैसे हुई? क्या यह आत्महत्या थी या हत्या? जांच पर किसी तरह का दबाव था? ये सवाल अभी भी चर्चा में हैं।
ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। 12 मई 2026 को ट्विशा अपने ससुराल में संदिग्ध हालत में मृत पाई गईं। पुलिस के अनुसार उनका शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला था। लेकिन ट्विशा के परिवार ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद कई अहम तथ्यों को छिपाने की कोशिश की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी विवाद है। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “फांसी” बताया गया है, लेकिन ट्विशा के परिवार ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है और AIIMS में मेडिकल जांच कराने की अपील की है। समर्थ सिंह पर पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि आरोपी को बचाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में CCTV फुटेज भी चर्चा का विषय बन गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार फुटेज में ट्विशा सुबह करीब 7:20 बजे ऊपर जाती दिखाई देती हैं, जबकि करीब 8:20 बजे उनका शव नीचे लाया गया। लेकिन FIR में मौत का समय अलग दर्ज होने की बात सामने आई है। शव संरक्षण को लेकर भी विवाद है। ट्विशा का शव कई दिनों तक फ्रीजर में रखा गया था। परिवार का कहना है कि यदि जांच में देरी होगी तो अहम मेडिकल सबूत प्रभावित हो सकते हैं।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। इस फैसले के बाद मामला और ज्यादा हाई प्रोफाइल बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस केस में एक्शन रिपोर्ट मांगी है। मध्य प्रदेश सरकार पर भी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हुई है। यदि दोबारा मेडिकल जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो केस पूरी तरह बदल सकता है। वहीं समर्थ सिंह और उनके परिवार से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।





