बेंगलुरु में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों के प्रति बहुत सख्त रहेगी। अगर इनमें नशीले या प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाते हैं, तो सरकार इनके निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोचेगी।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा है। विशेष रूप से युवाओं में तंबाकू और नशीले उत्पादों की बढ़ती लत चिंता का विषय है। इसलिए, सरकार किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को इन उत्पादों की गुणवत्ता और संरचना की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कोई फैसला लिया जाएगा। सरकार किसी पूर्वाग्रह के आधार पर निर्णय नहीं लेगी। पहले, एजेंसियां और प्रयोगशालाएं पान मसाला और गुटखा के नमूनों की जांच करेंगी। अगर जांच में प्रतिबंधित या नशीले पदार्थ मिले तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डीके शिवकुमार ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सरकार किसी तरह का समझौता नहीं करेगी। अगर जरूरत पड़ी तो ऐसे उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय भी लिया जा सकता है। युवाओं को नशे से बचाना सरकार की प्राथमिकता है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले युवाओं में नशीले उत्पादों की बढ़ती पहुंच समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
सरकार चाहती है कि युवाओं को नशे की लत से बचाया जाए और इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों से दूरी बनाए रखें और अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो प्रशासन को सूचित करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि तंबाकू युक्त उत्पादों का सेवन मुंह, गले और भोजन नली के कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए, विभिन्न राज्यों में समय-समय पर गुटखा और तंबाकू युक्त उत्पादों पर प्रतिबंध या नियंत्रण संबंधी कदम उठाए जाते रहे हैं।
सरकार ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन या प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल सामने आता है, तो प्रतिबंध के साथ-साथ संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बाजार में बिकने वाले उत्पाद निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।
अंत में, डीके शिवकुमार का बयान इस बात का संकेत है कि कर्नाटक सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाने के पक्ष में है। हालांकि किसी भी प्रतिबंध का अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि पान मसाला और गुटखा में नशीले पदार्थ पाए जाते हैं तो सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।





