जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक बार फिर धरती कांप उठी। मंगलवार को यहां भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 दर्ज की गई है। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में लोगों ने खुले स्थानों पर जाकर खुद को सुरक्षित किया। हालांकि राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी तरह के बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, भूकंप के झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि लोगों को साफ तौर पर कंपन महसूस हुआ। खासकर ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को झटके ज्यादा तेज लगे। डोडा भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां अक्सर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले 1 मार्च 2026 को भी यहां 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, हालांकि उस समय भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण इस तरह के भूकंप आते रहते हैं। यह क्षेत्र भूकंप जोन में आता है, इसलिए यहां के लोगों को हमेशा सतर्क रहने की जरूरत होती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही, अफवाहों से बचने
और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है। भूकंप के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए निगरानी जारी है। कुल मिलाकर, डोडा में आया यह भूकंप एक बार फिर यह याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहना कितना जरूरी है। समय रहते सावधानी बरतकर ही बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।





