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दो साल बाद फिर सक्रिय हुआ INDIA गठबंधन! कांग्रेस ने बुलाई बड़ी बैठक

लोकसभा चुनाव के बाद सुस्त पड़े INDIA गठबंधन को फिर सक्रिय करने की कोशिश तेज हो गई है। कांग्रेस ने विपक्षी दलों की बड़ी बैठक बुलाने की तैयारी की है, जिसमें अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, शरद पवार समेत कई नेता शामिल हो सकते हैं।

Admin
2/6/2026
दो साल बाद फिर सक्रिय हुआ INDIA गठबंधन! कांग्रेस ने बुलाई बड़ी बैठक

देश की राजनीति में एक बार फिर विपक्षी एकता की चर्चा तेज हो गई है। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद बिखरा हुआ दिखाई दे रहा इंडिया गठबंधन अब दोबारा सक्रिय होता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने लगभग दो साल बाद इंडिया ब्लॉक के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित बैठक 6 जून को नई दिल्ली में होने की संभावना है और इसमें देश के कई बड़े विपक्षी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, डीएमके नेतृत्व, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल और अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

कई लोगों का मानना है कि यह बैठक केवल एक औपचारिक राजनीतिक मुलाकात नहीं होगी, बल्कि आने वाले वर्षों की विपक्षी रणनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इंडिया गठबंधन को भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता के सबसे बड़े प्रयास के रूप में देखा गया था। कई विपक्षी दल एक मंच पर आए और उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाने का प्रयास किया। हालांकि चुनाव के बाद कई राज्यों में गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच मतभेद भी सामने आए।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ती दिखाई दी, जबकि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच भी कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख देखने को मिला। कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति यह बताई जा रही है कि विपक्षी दलों को फिर से एक मंच पर लाकर साझा राजनीतिक एजेंडा तैयार किया जाए। महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, पेपर लीक के आरोप, किसानों के मुद्दे और विभिन्न राज्यों के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर विपक्ष संयुक्त अभियान की रूपरेखा बना सकता है। इस बैठक का समय भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंध भविष्य की विपक्षी राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में अखिलेश यादव की भूमिका पर सभी की नजर रहेगी। विपक्षी एकता की राह आसान नहीं मानी जा रही। कई क्षेत्रीय दल अपने राज्यों में कांग्रेस को प्रतिद्वंद्वी मानते हैं। सीट बंटवारे, नेतृत्व और चुनावी रणनीति जैसे मुद्दे अब भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। कांग्रेस का उद्देश्य केवल विपक्षी नेताओं की तस्वीर एक साथ दिखाना नहीं है, बल्कि यह संदेश देना भी है कि भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई अभी जारी है। पार्टी चाहती है कि इंडिया गठबंधन को एक स्थायी राजनीतिक मंच के रूप में स्थापित किया जाए, जो चुनावी अवसरों के अलावा भी सक्रिय रहे।

फिलहाल देश की राजनीति की निगाहें 6 जून की प्रस्तावित बैठक पर टिकी हुई हैं। यह बैठक विपक्षी दलों के बीच नई ऊर्जा का संचार करती है या पुराने मतभेदों को उजागर करती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। लेकिन इतना तय है कि लंबे समय बाद विपक्षी राजनीति में फिर से हलचल दिखाई दे रही है और इंडिया गठबंधन को लेकर चर्चा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी है। आने वाले दिनों में यह बैठक केवल विपक्षी दलों की रणनीति ही नहीं, बल्कि 2027 और 2029 की भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यही कारण है कि राजनीतिक विशेषज्ञ, समर्थक और विरोधी सभी इस बैठक के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।

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