मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि महंगाई को नियंत्रित करने के दावे पूरी तरह झूठे साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और सरकार सिर्फ बड़े-बड़े दावे करने में लगी हुई है। जीतू पटवारी ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता है, तब भी देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं हो रहे।
उनका कहना है कि इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी हो रही हैं और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल सिर्फ ईंधन नहीं है, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। जैसे ही ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, ट्रांसपोर्ट महंगा होता है और उसका असर सब्जियों, राशन, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा के सामान तक पहुंचता है। पटवारी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में आम आदमी सबसे ज्यादा महंगाई की मार झेल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की टैक्स नीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल पर भारी टैक्स लगाकर सरकार आम जनता से पैसा वसूल रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार तेल कंपनियों और टैक्स के जरिए भारी कमाई कर रही है, जबकि जनता महंगाई से परेशान है। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। भाजपा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, वैश्विक तेल बाजार और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर तेल कीमतों पर पड़ रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि सरकार लगातार जनता को राहत देने के लिए कदम उठा रही है और कई राज्यों में टैक्स कम करके राहत भी दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें हमेशा से बड़ा राजनीतिक मुद्दा रही हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, विपक्ष महंगाई को लेकर सरकार पर हमले तेज कर देता है। मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस अब महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। खासकर मिडिल ईस्ट में तनाव और वैश्विक सप्लाई संकट का असर भारत जैसे आयात आधारित देशों पर ज्यादा दिखाई देता है। फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। कांग्रेस लगातार सरकार पर हमला कर रही है, जबकि भाजपा वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में जनता को ईंधन कीमतों से राहत मिलेगी या महंगाई का दबाव और बढ़ेगा?





