दिल्ली के जंतर मंतर से मार्च संसद तक पहुंच गया, इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 20 से 25 मिनट तक आंसू गैस के गोले दागे. इधर, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य गेट बंद कर दिया गया ,और सिर्फ सांसदों के आने जाने के लिए एक छोटा गेट खुला रखा गया . यह प्रदर्शन ऐसे वक्त हो रहा है, जब देश का मॉनसून सत्र चल रहा है. अब इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र को निशाने पर लेते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने निशाना साधा है.
छात्रों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बयान दिया है की है कि ये सरकार नौजवानों और छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है अगर आपको एग्जामिनेशन कंडक्ट नहीं करने आता है, तो सिंहासन खाली करो. जनता आएगी. ये लोग सत्ता में रहने लायक़ नहीं है. भगवन के नाम पर चंदा चोरी हुआ, रामभक्त के नाम पर जनता से पैसे चोरी कर रहें हैं. मोदी जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए है, क्योंकि उन्होंने Trust बनाया है
इसके अलावा खड़गे ने कहा, की 'अपनी कमजोरी छिपाने के लिए पीएम मोदी ऐसे कहते हैं कि 56 साल के युवाओं की बात नहीं कर रहा हूं. ऐसी बातें प्रधानमंत्री नहीं करता है. मैं इस बयान की निंदा करता हूं. ये हटेंगे तो ही सख्ती आएगी.
और साथ ही सदन में पीएम मोदी के भाषण पर उन्होंने कहा की, 'PM मोदी का काम सिर्फ दूसरों को ताना मारना और मजाक उड़ाना है. पहले लोगों के सामने अपनी क्रेडिबिलिटी साबित करें. आपका वह '56 इंच का सीना' कहां गया? आप आज दूसरों की बुराई करते हैं, लेकिन मैं पूछता हूं: आपने देश के लिए असल में क्या किया है?'
खड़गे ने कहा, 'आपने अपने फॉलोअर्स से ट्रस्ट बनाने को कहा ताकि वे चोरी कर सकें, और अब वे खुलेआम चोरी कर रहे हैं. आपने कानून बनाए और राम मंदिर ट्रस्ट के लिए लोगों को नॉमिनेट किया, और आपके अपने लोग इसमें शामिल हैं. फिर NEET का मामला है. लाखों स्टूडेंट्स परेशान हैं, अपने घर छोड़कर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं. उनकी जिंदगी बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार है? मोदी सरकार और खुद PM मोदी. वह ये सब सिर्फ अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए करते हैं. किसी भी प्राइम मिनिस्टर को ऐसा नहीं बोलना चाहिए. हर प्राइम मिनिस्टर प्रॉब्लम सॉल्व करने की बात करता है, न कि ऐसी बातें करता है जिनका बाद में मजाक उड़ाया जाए. मैं इस बयान की निंदा करता हूं, और PM मोदी को भविष्य में ऐसी बातें करने से बचना चाहिए. जब तक वे अगर वे रहेंगे, तो देश में खुशहाली नहीं आएगी. खुशहाली तभी आएगी जब वे चले जाएंगे.'
इसी के साथ आपको बता दे की प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई , और वही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया. और कई छात्रों को हिरासत में लिया है. कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस की गाड़ी के ऊपर चढ़ गए.





