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राज्यसभा के लिए पुनर्निर्वाचित मल्लिकार्जुन खड़गे ने ली शपथ, संसद में फिर निभाएंगे अहम भूमिका

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा सदस्य के रूप में दोबारा शपथ ली। जानिए उनके नए कार्यकाल का राजनीतिक महत्व और संसद में उनकी भूमिका।

Admin
29/6/2026
राज्यसभा के लिए पुनर्निर्वाचित मल्लिकार्जुन खड़गे ने ली शपथ, संसद में फिर निभाएंगे अहम भूमिका

नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपने नए कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत करते हुए शपथ ग्रहण की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने दोबारा उच्च सदन के लिए चुने जाने के बाद संविधान के प्रति निष्ठा और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की शपथ ली। मल्लिकार्जुन खड़गे लंबे समय से भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। संगठनात्मक अनुभव और संसदीय कार्यप्रणाली की गहरी समझ के कारण वे कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ संसद में विपक्ष की आवाज़ के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे का राजनीतिक सफर कई दशकों पुराना है। उन्होंने राज्य की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में काम करने का अनुभव उन्हें संसदीय मामलों का जानकार नेता बनाता है। यही अनुभव आगामी संसदीय सत्रों में कांग्रेस की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। आने वाले समय में संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस की ओर से सरकार को घेरने, विपक्षी दलों के बीच समन्वय बनाने और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखने की जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुभवी नेतृत्व के कारण कांग्रेस संसद के भीतर अपनी रणनीति को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश करेगी। राज्यसभा में दोबारा पहुंचना केवल मल्लिकार्जुन खड़गे की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे कांग्रेस संगठन के लिए भी एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी नेताओं की मौजूदगी संसद के भीतर विपक्ष की आवाज़ को मजबूत बनाएगी और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।

भारतीय संविधान के अनुसार किसी भी सांसद के लिए सदन की कार्यवाही में भाग लेने से पहले शपथ लेना अनिवार्य होता है। शपथ के माध्यम से सांसद संविधान के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हैं और देश की सेवा के लिए अपने दायित्वों को स्वीकार करते हैं। शपथ के बाद सांसद सदन की सभी प्रक्रियाओं और चर्चाओं में औपचारिक रूप से हिस्सा ले सकते हैं। आगामी संसद सत्र में रोजगार, महंगाई, कृषि, अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, संघीय ढांचे और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। कांग्रेस इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है और मल्लिकार्जुन खड़गे इन विषयों पर पार्टी की ओर से प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

राज्यसभा सदस्य के रूप में मल्लिकार्जुन खड़गे का नया कार्यकाल कांग्रेस के लिए राजनीतिक और संसदीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके लंबे अनुभव और नेतृत्व क्षमता से पार्टी को संसद में मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में वे विपक्ष की रणनीति को दिशा देने और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं।

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