भारत में पिछले कुछ वर्षों से मिलेट्स यानी मोटे अनाज को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी है। सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को इन अनाजों को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं। ज्वार, बाजरा, रागी जैसे मिलेट्स अब सुपरफूड माने जा रहे हैं। गर्मियों में ये अनाज शरीर को ऊर्जा देने, वजन नियंत्रित रखने और कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इनमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। रागी और बाजरा हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
आज के समय में बढ़ता मोटापा और अनियमित खानपान बड़ी समस्या है। ऐसे में मिलेट्स वजन नियंत्रण में मदद कर सकते हैं। इनमें हाई फाइबर होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखता है और ओवरईटिंग को कम करता है। मिलेट्स डायबिटीज मरीजों के लिए भी फायदेमंद हैं। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। ये पाचन तंत्र को बेहतर रखने में भी मदद करते हैं।
गर्मियों में मिलेट्स का सेवन करने के कई तरीके हैं। सुबह रागी या बाजरे का दलिया, दोपहर में ज्वार या बाजरे की रोटी और शाम को मिलेट्स से बने हेल्दी स्नैक्स खा सकते हैं। भारत सरकार भी मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक मंचों से मिलेट्स को स्वास्थ्य और किसानों दोनों के लिए फायदेमंद बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिलेट्स न केवल स्वास्थ्य के लिए, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प हैं। इन्हें उगाने में कम पानी लगता है और ये कठोर मौसम में भी आसानी से तैयार हो जाते हैं।
हालांकि, डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी नए डाइट प्लान को अपनाने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति और जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। मिलेट्स को धीरे-धीरे डाइट में शामिल करना बेहतर है। फिलहाल, मिलेट्स अब सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं हैं। लोग हेल्दी लाइफस्टाइल और संतुलित खानपान की बढ़ती जागरूकता के बीच इन्हें पसंद कर रहे हैं।





